Operation Absolute Resolve
Operation Absolute Resolve: 3 जनवरी 2026 की तड़के सुबह लैटिन अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा मोड़ लेकर आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को चौंकाते हुए वेनेजुएला के खिलाफ चलाए गए एक गुप्त और बेहद आक्रामक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एबसॉल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) की रोमांचक कहानी साझा की है। ट्रंप के अनुसार, यह ऑपरेशन आधुनिक युद्ध कौशल और सटीक रणनीति का एक बेमिसाल उदाहरण है, जिसने देखते ही देखते वेनेजुएला की सत्ता का तख्तापलट कर दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि इस सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला की पूरी संचार और ऊर्जा व्यवस्था को पंगु बना दिया था। ऑपरेशन शुरू करने के शुरुआती मिनटों में ही पूरे वेनेजुएला की बिजली काट दी गई थी। इस ‘कंप्लीट इलेक्ट्रिसिटी शटडाउन’ का मकसद वेनेजुएला की सेना के रडार सिस्टम और सुरक्षा तंत्र को अंधा करना था। जब पूरा देश अंधेरे और ब्लैकआउट की चपेट में था, तब अमेरिकी सेना ने अपनी रणनीति के अगले चरण को अंजाम दिया, जिससे स्थानीय सुरक्षा बलों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जैसे ही वेनेजुएला में अंधेरा छाया, अमेरिकी वायुसेना की ताकत ने आसमान को चीरना शुरू कर दिया। ट्रंप के मुताबिक, लगभग 150 अत्याधुनिक अमेरिकी फाइटर जेट्स ने एक साथ वेनेजुएला की हवाई सीमा में प्रवेश किया। ये विमान केवल गश्त के लिए नहीं, बल्कि पहले से तय किए गए रणनीतिक ठिकानों को तबाह करने के लिए भेजे गए थे। अमेरिकी विमानों ने सैन्य अड्डों, रडार केंद्रों और संचार टावरों को निशाना बनाया, जिससे वेनेजुएला का डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। यह हवाई हमला इतना सटीक था कि नागरिक इलाकों को न्यूनतम नुकसान पहुँचाते हुए केवल सैन्य लक्ष्यों को ही निशाना बनाया गया।
इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो थे। ट्रंप ने बताया कि हवाई हमलों के बाद अमेरिकी विशेष बलों ने जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाला। अमेरिकी कमांडो और फाइटर जेट्स ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए सीधे मादुरो के आवास पर धावा बोल दिया। जिस समय मादुरो को पकड़ा गया, उस समय वेनेजुएला की राजधानी काराकस पूरी तरह से अमेरिकी नियंत्रण में महसूस हो रही थी। ट्रंप का दावा है कि उनके सैनिकों ने मादुरो के घर को चारों ओर से घेर लिया और बेहद कम समय में उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
ऑपरेशन एबसॉल्यूट रिजॉल्व का अंतिम चरण मादुरो की गिरफ्तारी और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना था। ट्रंप ने गर्व से बताया कि अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो को बंधक बना लिया और उन्हें तुरंत वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया। इस पूरी कार्रवाई को इतनी तेजी से अंजाम दिया गया कि वेनेजुएला की वफादार सेना जवाबी कार्रवाई करने की स्थिति में भी नहीं आ पाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिका की संप्रभुता और क्षेत्र में लोकतंत्र की बहाली के लिए एक बड़ी जीत करार दिया है।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी है। ट्रंप द्वारा दी गई जानकारी यह दर्शाती है कि अमेरिका अब प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की नीति पर वापस लौट आया है। इस ऑपरेशन ने न केवल वेनेजुएला की सत्ता को हिला दिया है, बल्कि दुनिया के अन्य देशों के लिए भी एक कड़ा संदेश दिया है। ‘ऑपरेशन एबसॉल्यूट रिजॉल्व’ की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि साइबर युद्ध और पारंपरिक सैन्य शक्ति का मेल किसी भी देश की सत्ता को मिनटों में बदल सकता है। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वेनेजुएला का भविष्य क्या होगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या प्रतिक्रिया देगा।
Read More: Vaishno Devi Yatra 2026: फर्जी वेबसाइटों से रहें सावधान, बोर्ड ने जारी की सख्त एडवाइजरी
IPL 2026 CSK vs MI: आईपीएल 2026 के सबसे प्रतीक्षित मुकाबलों में से एक 'एल…
West Bengal Election : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो…
Jhansi Love Affair : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने…
Sarai Rohilla Murder : देश की राजधानी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में शनिवार को…
Karanvir Bohra Journey : एकता कपूर के कालजयी धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' से घर-घर में…
Odisha Bank Skeleton Case : ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष…
This website uses cookies.