Operation Akhal: रक्षाबंधन के दिन जब पूरा देश भाई-बहन के प्रेम का त्योहार मना रहा था, तब जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल इलाके में सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ जंग लड़ रहे थे। आतंकियों के साथ जारी मुठभेड़ के दौरान दो भारतीय जवान शहीद हो गए, जबकि 10 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं।

यह कार्रवाई ऑपरेशन ‘अखल’ के तहत हो रही है, जो अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। बताया जा रहा है कि यह हाल के वर्षों का सबसे लंबा और जटिल आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन बनता जा रहा है।

भीषण गोलीबारी और विस्फोट
बीती रात अखल में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच जबरदस्त गोलीबारी और विस्फोट देखने को मिले। चिनार कॉर्प्स की ओर से साझा किए गए अपडेट्स के मुताबिक, मुठभेड़ अब भी जारी है। सेना ने इलाके की घेराबंदी को और मजबूत कर दिया है ताकि कोई भी आतंकी भाग न सके।
सूत्रों के अनुसार, कई आतंकी घने जंगलों और गुफाओं में छिपे हुए हैं, जिससे ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है। अब तक एक आतंकी का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दो अन्य को LOC के पास मारा गया है।
साझा प्रयास में चल रहा ऑपरेशन
ऑपरेशन अखल को सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस की SOG, CRPF और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया जा रहा है। सुरक्षाबलों की ओर से पूरी रणनीति के साथ कार्रवाई की जा रही है, ताकि आतंकियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
इस ऑपरेशन की शुरुआत कुछ दिन पहले खुफिया सूचना के आधार पर हुई थी, जिसमें बताया गया था कि कुछ आतंकवादी अखल के जंगलों में छिपे हैं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरते हुए तलाशी अभियान शुरू किया।
LOC पर भी सतर्कता बढ़ी
इस ऑपरेशन के समानांतर, नियंत्रण रेखा (LOC) के पास भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सैन्य सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के छोटे-छोटे समूह सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं।
कठिन हालात में डटे जवान
इस अभियान में जवान बेहद कठिन भू-भाग में कार्य कर रहे हैं—घने जंगल, ऊंची चट्टानें और प्राकृतिक गुफाएं ऑपरेशन को और भी जटिल बना रहे हैं। फिर भी सुरक्षाबल पूरे धैर्य और साहस के साथ आतंकियों का सामना कर रहे हैं।
रक्षाबंधन पर देश ने खोए अपने लाल
रक्षाबंधन जैसे पावन मौके पर दो सैनिकों की शहादत ने पूरे देश को गमगीन कर दिया है। यह बलिदान एक बार फिर हमें याद दिलाता है कि हमारी रक्षा के लिए हमारे जवान किस हद तक जाकर जान की बाजी लगा देते हैं।
ऑपरेशन अखल अब तक का सबसे लंबा चलने वाला आतंकवाद विरोधी अभियान बन चुका है। सेना और सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई से आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो रही है। हालांकि यह लड़ाई अब भी जारी है, लेकिन सुरक्षाबलों का मनोबल और समर्पण अडिग है। देश को भरोसा है कि इस ऑपरेशन का अंत आतंकवाद की हार और शांति की जीत के साथ होगा।










