Operation Sindoor : राजधानी दिल्ली में चल रहे तीन दिवसीय चीफ कॉन्क्लेव (14-16 अक्टूबर) में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNPKF) में हिस्सा लेने वाले 30 से अधिक देशों के सेना प्रमुख, वाइस चीफ और वरिष्ठ सैन्य कमांडर मौजूद थे। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की तैयारियों और युद्ध रणनीति का ऑडियो-वीडियो प्रेजेंटेशन दिया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

ऑपरेशन सिंदूर: पूरी सैन्य ताकत के साथ हमला
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केवल थलसेना और वायुसेना ही नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना भी अरब सागर से हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार थी। नौसेना को पाकिस्तान में हमले के कोऑर्डिनेट्स पहले ही साझा कर दिए गए थे। उन्होंने खुलासा किया कि पाकिस्तान की ओर से जंग रोकने की मिन्नत तक की गई थी, जब उनके डीजीएमओ ने उनसे फोन पर संपर्क किया था।

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों और 11 एयरबेस को निशाना बनाया। 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की वायुसेना के फाइटर जेट, टोही विमान और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। साथ ही इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि आम नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे यानी ‘कोलेट्रल डैमेज’ से बचाव हुआ।
आतंकवाद और पाकिस्तान की भूमिका पर विस्तार से ब्रीफिंग
लेफ्टिनेंट जनरल घई ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के इतिहास और पाकिस्तान की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत ने 2001 के संसद हमले, उरी अटैक और 2019 के पुलवामा हमले के बावजूद संयम दिखाया, लेकिन पहलगाम हमले के बाद सब्र का बाँध टूट गया और पाकिस्तान को एक ऐतिहासिक सबक सिखाया गया।
आतंकवाद के खिलाफ नीति में बदलाव
डिप्टी चीफ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की आतंकवाद नीति में बड़ा बदलाव आया है। अब आतंकवादी हमलों को युद्ध के रूप में देखा जाएगा और भारत किसी भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। साथ ही आतंक को अंजाम देने वालों और उनका समर्थन करने वालों में कोई भेद नहीं माना जाएगा।
30 से अधिक देशों के सैन्य नेतृत्व के सामने अनुभव साझा
चीफ कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले देशों में भूटान, बांग्लादेश, नेपाल, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, थाईलैंड समेत अनेक देश शामिल थे। इस मंच पर भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों और आतंकवाद के खिलाफ रणनीति की पूरी जानकारी साझा कर विश्व समुदाय को भी संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा के प्रति कितनी सजग और सक्षम है।
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने आतंकवाद और पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया। इस ऑपरेशन ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार के खतरे को सहन नहीं करेगा। भविष्य में भी भारतीय सेना इसी प्रकार की निर्णायक कार्रवाई करने के लिए तत्पर रहेगी।











