Asim Munir Statement : भारत द्वारा हाल में संचालित ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सेना और सियासत में हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर ने अमेरिका में भारत को लेकर भड़काऊ बयान देते हुए कहा, “अगर पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को खतरा हुआ, तो इसका असर आधी दुनिया को तबाह कर देगा।” इसके साथ ही उन्होंने सिंधु नदी पर भी भारत को चेतावनी दी कि यदि बांध निर्माण किया गया तो पाकिस्तान उसे “10 मिसाइलों” से नष्ट कर देगा।

अमेरिका से दी चेतावनी
10 अगस्त को अमेरिका में सेंटकॉम कमांडर जनरल माइकल ई. कुरिल्ला के फेयरवेल में पहुंचे असीम मुनीर ने ये बयान दिया। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी सैन्य और राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की, जिसमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन भी शामिल थे। पाकिस्तान सेना प्रमुख ने अमेरिका के प्रति नाराजगी न दिखाते हुए पूरी भड़ास भारत पर निकाली।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीधे तौर पर सैन्य, कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक मोर्चों पर हिलाया है। 9 अगस्त को बेंगलुरु में आयोजित 16वें वार्षिक एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे व्याख्यान में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ एपी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में किए गए एयरस्ट्राइक और 5 पाक विमानों को तबाह करने की बात स्वीकार की। उन्होंने आतंकी ठिकानों पर हमलों के सैटेलाइट सबूत भी सार्वजनिक किए।
10 अगस्त को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने IIT मद्रास में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सेना को “फ्री हैंड” दिया गया था और आने वाले दिनों में संभावित युद्ध की कल्पना नहीं, तैयारी करनी होगी। इन्हीं बयानों से पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान में घबराहट और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
सिंधु जल समझौते पर मुनीर की टिप्पणी
मुनीर ने सिंधु नदी का मुद्दा भी उठाया और कहा, “भारत को यह नहीं भूलना चाहिए कि सिंधु नदी उसकी निजी संपत्ति नहीं है। अगर भारत बांध बनाता है तो पाकिस्तान के पास उसे खत्म करने के लिए 10 मिसाइलें तैयार हैं।”
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि हुई थी, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से तीन नदियों का पानी पाकिस्तान को और तीन का भारत को अधिकार मिला था। लेकिन पाकिस्तान लगातार भारत के जल परियोजनाओं पर आपत्ति जताता रहा है।
अमेरिका के साथ मुलाकातें – रणनीतिक या सुरक्षा की गुहार?
ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद असीम मुनीर की यह दूसरी अमेरिका यात्रा है। इससे पहले भी एक निजी डिनर पर वे अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से मिले थे। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका से राजनयिक समर्थन और सैन्य सहयोग की अपेक्षा कर रहा है, खासकर तब जब भारत पाकिस्तान के आतंकी ढांचों को खत्म करने की ओर बढ़ रहा है।
विश्लेषण: भारत का स्पष्ट संदेश, पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सतही
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के खिलाफ सीमा पार कार्रवाई की नीति अपनाई है। सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयरस्ट्राइक और अब ऑपरेशन सिंदूर इस नीति के उदाहरण हैं। पाकिस्तान की ओर से जवाब में भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी ही देखी गई है। असीम मुनीर का “आधी दुनिया तबाह” करने वाला बयान भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर हताशा और आत्मगौरव को दर्शाता है।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के हालिया बयान यह साफ दर्शाते हैं कि भारत की सैन्य कार्रवाईयों ने पाकिस्तान के सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। परमाणु हथियारों की धमकी, सिंधु नदी विवाद की पुनरावृत्ति और अमेरिका में लगातार बातचीत की कोशिशें — ये सब संकेत हैं कि पाकिस्तान अपने पुराने फॉर्मूले पर लौट आया है: “भीतर की विफलताओं को बाहरी दुश्मन के खतरे से ढंकने की कोशिश”। भारत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भारत अब बयानबाज़ी नहीं, कार्रवाई की नीति पर चल रहा है।


















