Owaisi Pahalgam comment: AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वह प्रधानमंत्री होते, तो इस हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने से नहीं चूकते। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने की इच्छा को खारिज करते हुए कहा, “मुझे ख्वाब देखने का शौक नहीं, मैं हकीकत से वास्ता रखता हूं और अपनी पहुंच जानता हूं।” पाकिस्तान को जवाब क्यों नहीं दिया गया? ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस समय देश युद्ध जैसे हालात में था। उन्होंने सवाल किया कि जब पूरा देश निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार था, तो “अचानक ऑपरेशन क्यों रोक दिया गया?” AIMIM प्रमुख ने यह भी कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर रोका गया है, खत्म नहीं हुआ।” उनके मुताबिक, 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई आधे रास्ते पर रोक दी गई थी। संसद में POK की बातें, लेकिन कार्रवाई नहीं? ओवैसी ने बीजेपी और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर संसद में POK (पाक अधिकृत कश्मीर) को हासिल करने की बात की जाती है, लेकिन दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि जब भारत की जनता कार्रवाई के पक्ष में थी, तब ऑपरेशन को क्यों रोका गया? एशिया कप और पाकिस्तान नीति पर भी निशाना AIMIM प्रमुख ने हाल ही में समाप्त हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान भारत-पाक संबंधों को लेकर भी मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदमों की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर खेल और कूटनीतिक स्तर पर नरमी बरती जाती है। ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद पर बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर चले ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत एक ऐसा देश है जहां हर समुदाय को अपने धार्मिक विश्वास पर गर्व करने का हक है। मुसलमानों के लिए पैगंबर मोहम्मद बहुत अहम हैं और संविधान का अनुच्छेद 25 हमें धार्मिक स्वतंत्रता देता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई अपने धर्म के प्रति प्रेम व्यक्त करता है, तो वह गलत नहीं है, लेकिन धर्म के नाम पर हिंसा करने वाले गलत हैं। महाराष्ट्र निकाय चुनाव में AIMIM की तैयारी अंत में ओवैसी ने यह भी ऐलान किया कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों में हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा कि AIMIM सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बनने के लिए चुनाव मैदान में उतरती है। ओवैसी का यह बयान न केवल सरकार की आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया को कटघरे में खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विपक्ष अब सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले चुनावों में यह रुख कितना असर दिखाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। Read More: Donald Trump AI Order for Cancer Research: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, बाल कैंसर रिसर्च में AI की एंट्री
Owaisi Pahalgam comment: ओवैसी ने कहा- मैं प्रधानमंत्री होता तो पहलगाम हमले पर ये करता
Owaisi Pahalgam comment: AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वह प्रधानमंत्री होते, तो इस हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने से नहीं चूकते। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने की इच्छा को खारिज करते हुए कहा, “मुझे ख्वाब देखने का शौक नहीं, मैं हकीकत से वास्ता रखता हूं और अपनी पहुंच जानता हूं।” पाकिस्तान को जवाब क्यों नहीं दिया गया? ओवैसी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए कहा कि उस समय देश युद्ध जैसे हालात में था। उन्होंने सवाल किया कि जब पूरा देश निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार था, तो “अचानक ऑपरेशन क्यों रोक दिया गया?” AIMIM प्रमुख ने यह भी कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर रोका गया है, खत्म नहीं हुआ।” उनके मुताबिक, 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या के बाद भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई आधे रास्ते पर रोक दी गई थी। संसद में POK की बातें, लेकिन कार्रवाई नहीं? ओवैसी ने बीजेपी और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि एक ओर संसद में POK (पाक अधिकृत कश्मीर) को हासिल करने की बात की जाती है, लेकिन दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि जब भारत की जनता कार्रवाई के पक्ष में थी, तब ऑपरेशन को क्यों रोका गया? एशिया कप और पाकिस्तान नीति पर भी निशाना AIMIM प्रमुख ने हाल ही में समाप्त हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान भारत-पाक संबंधों को लेकर भी मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदमों की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर खेल और कूटनीतिक स्तर पर नरमी बरती जाती है। ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद पर बयान हाल ही में सोशल मीडिया पर चले ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद पर भी ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत एक ऐसा देश है जहां हर समुदाय को अपने धार्मिक विश्वास पर गर्व करने का हक है। मुसलमानों के लिए पैगंबर मोहम्मद बहुत अहम हैं और संविधान का अनुच्छेद 25 हमें धार्मिक स्वतंत्रता देता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई अपने धर्म के प्रति प्रेम व्यक्त करता है, तो वह गलत नहीं है, लेकिन धर्म के नाम पर हिंसा करने वाले गलत हैं। महाराष्ट्र निकाय चुनाव में AIMIM की तैयारी अंत में ओवैसी ने यह भी ऐलान किया कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों में हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा कि AIMIM सत्ता के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बनने के लिए चुनाव मैदान में उतरती है। ओवैसी का यह बयान न केवल सरकार की आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया को कटघरे में खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विपक्ष अब सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सख्त रुख अपना रहा है। आने वाले चुनावों में यह रुख कितना असर दिखाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। Read More: Donald Trump AI Order for Cancer Research: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, बाल कैंसर रिसर्च में AI की एंट्री
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