Pakistan-Iran-US Diplomacy
Pakistan-Iran-US Diplomacy: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच पाकिस्तान ने एक हैरान करने वाला कूटनीतिक दांव चला है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने मंगलवार, 3 मार्च 2026 को संसद के ऊपरी सदन (सीनेट) में घोषणा की कि पाकिस्तान, वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता करने के लिए पूरी तरह तैयार है। डार ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों पक्ष सहमत हों, तो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इस उच्च स्तरीय शांति वार्ता की मेजबानी की जा सकती है। हालांकि, इस बयान के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की जमकर खिंचाई और ट्रोलिंग शुरू हो गई है।
इशाक डार ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस समय तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक मोर्चे पर अत्यंत सक्रिय हैं। डार का दावा है कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे से सुरक्षा और कूटनीतिक स्तर की बातचीत को आगे बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाई है। पाकिस्तान खुद को एक ऐसे देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है जो मुस्लिम जगत और पश्चिमी ताकतों के बीच एक सेतु (Bridge) का काम कर सके।
पाकिस्तान की इस पेशकश को सोशल मीडिया यूजर्स और रक्षा विशेषज्ञ एक ‘मजाक’ के रूप में देख रहे हैं। ट्रोलिंग का मुख्य कारण यह है कि पाकिस्तान खुद इस समय अफगानिस्तान के साथ युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है और उसकी सीमाएं असुरक्षित हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान के भीतर भी ईरान के समर्थन में कई हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए हैं। आलोचकों का कहना है कि जो देश अपनी अर्थव्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा नहीं संभाल पा रहा, वह दुनिया की दो महाशक्तियों के बीच सुलह कराने का सपना देख रहा है। लोग इसे पाकिस्तान की अपनी खराब छवि सुधारने की एक नाकाम कोशिश बता रहे हैं।
संसद में इशाक डार ने परमाणु मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ईरान इस बात पर पहले ही सहमति जता चुका था कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। हालांकि, अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि तेहरान को अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम ही जड़ से समाप्त कर देना चाहिए। डार के अनुसार, शुरुआत में बातचीत का रुख सकारात्मक था और दोनों पक्ष एक साझा जमीन तलाशने की दिशा में प्रगति कर रहे थे। उन्होंने संकेत दिया कि परमाणु मुद्दा ही इस पूरे विवाद की असली जड़ बना हुआ है।
इशाक डार ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हालिया ऑस्ट्रिया यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां उनकी मुलाकात अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख से हुई थी। आईएईए प्रमुख ने पाकिस्तानी नेतृत्व को आश्वस्त किया था कि परमाणु वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है। इस मुलाकात ने पाकिस्तान की उम्मीदों को बल दिया था कि वह इस विवाद को सुलझाने में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकता है। डार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का भरोसा पाकिस्तान के प्रयासों को मजबूती दे रहा है।
मध्यस्थता के प्रयासों पर विस्तार से बात करते हुए डार ने बताया कि ओमान के विदेश मंत्री के साथ उनकी हालिया चर्चा काफी महत्वपूर्ण रही। ओमान ने सूचित किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछली बैठकें बेहद सकारात्मक माहौल में हुई थीं, जिसके बाद ओमान के विदेश मंत्री ने वाशिंगटन जाकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति से भी मुलाकात की थी। हालांकि, डार ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि हाल के अचानक हुए मिसाइल हमलों ने पूरी शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार दिया है। उन्होंने कहा कि स्थिति वैसी ही हो गई है जैसे पिछले साल ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान देखी गई थी।
Read More: Share Market Crash: होली पर बाजार में कोहराम, निवेशकों के डूबे 9 लाख करोड़; सेंसेक्स 1750 अंक टूटा!
West Bengal Re-polling : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ…
Chhattisgarh Congress : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सांगठनिक फेरबदल और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने…
CGBSE D.El.Ed Time Table: छत्तीसगढ़ के शिक्षा क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है।…
Bilaspur Railway Station : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए…
Suicide in Bhilai : छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर से एक ही दिन में आत्महत्या की…
Monty Desai : कनाडा क्रिकेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन को सुधारने और टीम…
This website uses cookies.