Pakistan Taliban Conflict
Pakistan Taliban Conflict: गुरुवार की आधी रात को दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान की सीमा लांघकर काबुल सहित कई सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की। पाकिस्तान का मुख्य निशाना काबुल स्थित तालिबान मुख्यालय और अन्य रणनीतिक ठिकाने थे। अपुष्ट खबरों के अनुसार, इस हमले में अफगानिस्तान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा और कई शीर्ष कमांडरों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस अचानक हुए हमले ने दोनों देशों के बीच वर्षों से चले आ रहे छद्म युद्ध को एक सीधे और खूनी सैन्य संघर्ष में बदल दिया है।
पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में तालिबान ने अभूतपूर्व आक्रामकता दिखाई है। तालिबान के प्रवक्ता ने दावा किया है कि उनकी सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई में अब तक 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। इतना ही नहीं, तालिबान ने दावा किया है कि उन्होंने 15 से अधिक सैनिकों को बंधक बना लिया है और सीमा पार कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि अफगान सेना ने पाकिस्तान के अत्याधुनिक एफ-16 (F-16) समेत कई फाइटर जेट्स को मार गिराया है। हालांकि, स्वतंत्र सूत्रों द्वारा इन दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन सीमा पर जारी हिंसक झड़पें एक बड़े युद्ध का संकेत दे रही हैं।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस घटनाक्रम के बाद बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अफगानिस्तान के साथ ‘खुले युद्ध’ की घोषणा कर दी है। उन्होंने एक बार फिर भारत को इस विवाद में घसीटते हुए आरोप लगाया कि तालिबान प्रशासन अफगानिस्तान को भारत का ‘प्रॉक्सी’ (Proxy) बना रहा है। आसिफ ने कहा, “हमारी बर्दाश्त की हद अब खत्म हो चुकी है। पाकिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा।” पाकिस्तान का मानना है कि तालिबान की आक्रामकता के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है, जो इस क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
तालिबान के पलटवार से पाकिस्तान के सत्ता गलियारों में दहशत का माहौल है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पाकिस्तान की शांति को कमजोरी समझना बड़ी भूल होगी और सशस्त्र सेनाएं इसका निर्णायक जवाब देंगी। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अफगानिस्तान को चेतावनी दी कि पाकिस्तान तालिबान की विस्तारवादी और आक्रामक महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह कुचल देगा। इस बीच, पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है। कई मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि अफगान सेना की ओर से और भी बड़े हमलों की आशंका बनी हुई है।
इस संकट की घड़ी में अफगानिस्तान की जनता अपनी सेना और तालिबान के समर्थन में सड़कों पर उतर आई है। नागरिक कोर के प्रवक्ता वाहिदुल्लाह मोहम्मदी ने कहा कि देश का हर नागरिक बलिदान के लिए तैयार है और वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। अफगान नागरिक इस जवाबी कार्रवाई को अपने राष्ट्रीय गौरव से जोड़कर देख रहे हैं। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।
West Bengal Election Results 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक परिणामों ने…
Thalapathy Vijay : तमिलनाडु की सियासत ने साल 2026 में एक ऐसा मोड़ लिया है…
Mamata Banerjee Defeat Reasons: पश्चिम बंगाल की सियासत में पिछले डेढ़ दशक से निर्विवाद नेता…
TN Election Result : तमिल सिनेमा के बेताज बादशाह 'थलपति' विजय ने करीब 36 वर्षों…
Kerala Election Results 2026: दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण राज्य केरल की राजनीति में एक बड़ा…
Bengal Election Result 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश…
This website uses cookies.