Pappu Yadav Case: निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा की ओर से दायर शिकायत पर हुई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कक्ष संख्या-10 के न्यायिक अधिकारी योगेश जैन ने शिकायत पर सुनवाई के बाद मामला दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत ने सांसद पप्पू यादव को 11 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश भी जारी किया है। अब मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।

बीएनएस की कई धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
अदालत के आदेश के बाद पप्पू यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, उनके खिलाफ धारा 318(4), 338, 196, 298, 299 और 356 के अंतर्गत आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल अदालत ने केवल शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने और आरोपी को तलब करने का आदेश दिया है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई के बाद ही होगा।

संसद परिसर में प्रदर्शन को लेकर दर्ज हुई शिकायत
यह मामला संसद परिसर में किए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पप्पू यादव ने साधु-संतों जैसी वेशभूषा धारण कर कथित तौर पर राम मंदिर दान से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। शिकायत में कहा गया है कि इस प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और साधु-संतों की वेशभूषा का उपयोग ऐसे तरीके से किया गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इसी आधार पर अदालत में परिवाद दायर किया गया, जिसके बाद न्यायालय ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संसद भवन के सामने किए गए प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों और मंदिर से जुड़े विषयों को लेकर ऐसा प्रदर्शन किया गया, जिससे सनातन धर्म और साधु-संत समाज की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हुआ। शिकायत में यह भी कहा गया कि अयोध्या में राम मंदिर के दान से जुड़ी कथित चोरी की घटना को प्रदर्शन के माध्यम से अलग रूप में प्रस्तुत किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस प्रकार की गतिविधि से समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलने की आशंका उत्पन्न हुई।
अदालत ने सुनवाई के लिए जारी किया समन
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद एसीजेएम अदालत ने पप्पू यादव को 11 अगस्त 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस तिथि पर अदालत शिकायत, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य पक्षों की दलीलों पर आगे विचार करेगी। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी को अपना पक्ष रखने का भी पूरा अवसर मिलेगा। फिलहाल अदालत ने मामले में केवल संज्ञान लिया है और आगे की सुनवाई के बाद ही किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी
यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा। शिकायतकर्ता ने अदालत से मांग की है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, अदालत के समक्ष अब दोनों पक्षों को अपनी-अपनी दलीलें और साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। किसी भी आपराधिक मामले में आरोप दर्ज होना दोष सिद्ध होने के समान नहीं माना जाता। न्यायालय में सुनवाई, साक्ष्यों की जांच और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसलिए इस मामले का कानूनी निष्कर्ष अदालत की आगामी कार्यवाही और निर्णय पर निर्भर करेगा।
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