Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से होने जा रही है। सत्र से ठीक पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच भारी टकराव के स्पष्ट संकेत दिखाई दिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक के दौरान सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित करने में सहयोग की अपील की। वहीं दूसरी तरफ, विपक्षी दलों ने यह पूरी तरह साफ कर दिया कि वे राम मंदिर चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोप और अन्य कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को संसद के भीतर घेरने का पूरा मन बना चुके हैं।

‘वन्दे मातरम्’ के अपमान पर होगी 3 साल तक की जेल
इस मानसून सत्र के दौरान सरकार राज्यसभा में एक बेहद अहम और नया बिल पेश करने जा रही है। इस नए विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का अपमान करना या इसके गायन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना एक गंभीर आपराधिक जुर्म माना जाएगा। सरकार द्वारा लाए जा रहे इस नए कानून के तहत दोषी व्यक्तियों के लिए 3 साल तक की कैद की सजा का कड़ा प्रावधान तय किया गया है, जिस पर संसद में तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।

विपक्षी दलों द्वारा एफसीआरए और परिसीमन जैसे विधेयकों का विरोध
सरकार द्वारा सदन को सुचारु रूप से चलाने की अपील के बावजूद विपक्ष ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश पहले ही यह सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उनकी पार्टी एफसीआरए संशोधन विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों और परिसीमन जैसे तमाम महत्वपूर्ण मुद्दों का कड़ा विरोध करेगी। सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को सुबह लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी नेताओं की एक विशेष बैठक होगी, जिसमें सरकार को घेरने की अंतिम रणनीति को मजबूत रूप दिया जाएगा।
डीएमके ने दक्षिणी राज्यों के हितों और परिसीमन का उठाया मुद्दा
सर्वदलीय बैठक के दौरान द्रमुक (DMK) पार्टी ने दक्षिणी राज्यों के हितों से जुड़ा बड़ा मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। पार्टी ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह किसी भी ऐसे परिसीमन प्रस्ताव का कतई समर्थन नहीं करेगी जिससे दक्षिण भारतीय राज्यों के राजनीतिक हित प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हों। डीएमके ने मांग उठाई कि देश में परिसीमन की प्रक्रिया पर रोक की सीमा को अगले 25 वर्षों के लिए और अधिक बढ़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा महिला आरक्षण को लेकर भी पार्टी ने अपनी मांग सामने रखी।
राम मंदिर दान चोरी और एनसीपीआई के विरोध पर वॉकआउट
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित कई प्रमुख विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला जोरदार तरीके से उठाया। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए संसद के अंदर इस पर विस्तृत चर्चा कराने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही, तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के नए समूह ‘एनसीपीआई’ को सर्वदलीय बैठक में आधिकारिक रूप से बुलाए जाने के विरोध में सभी विपक्षी दलों ने प्रतीकात्मक रूप से बैठक से वॉकआउट किया, हालांकि कुछ समय बाद वे वापस लौट आए।
सोनम वांगचुक, नीट विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
विपक्षी दलों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन और उनके आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को भी आक्रामक तरीके से उठाने का निर्णय लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सरकार वर्तमान में भारी विश्वसनीयता संकट का सामना कर रही है। इसके साथ ही विपक्ष ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे नीट और सीबीएसई विवाद को लेकर देश भर के छात्रों द्वारा निकाले जा रहे संसद मार्च का पूरा समर्थन करेंगे और सदन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जोरदार मांग उठाएंगे।












