Khan Sir Arrest Stay : बिहार के सुप्रसिद्ध शिक्षक और यूट्यूबर खान सर उर्फ फैसल खान को पटना जिला कोर्ट से एक बड़ी और अहम राहत मिली है। कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में जहां एक तरफ पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए सरगर्मी से तलाश में जुटी हुई थी, वहीं पटना जिला कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर तत्काल रोक लगा दी है। इस फैसले ने खान सर और उनके समर्थकों को बड़ी राहत दी है। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान खान सर की तरफ से उन्हें पूरी तरह निर्दोष बताया गया और कहा गया कि इस पूरे मामले में उनका कोई आपराधिक इरादा नहीं था। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है और फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक बरकरार है।

वकील ने कोर्ट में कहा – आत्मरक्षा में चलाई गई थी गोली
अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान खान सर की तरफ से पेश हुए उनके वकील अरविंद कुमार महुआर ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष बेहद स्पष्ट और दृढ़ शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर पर जो फायरिंग हुई, वह किसी को नुकसान पहुंचाने या डराने के मकसद से नहीं की गई थी। वकील ने तर्क दिया कि यह गोली पूरी तरह आत्मरक्षा की परिस्थिति में चलाई गई थी, जब खान सर के स्टाफ और कोचिंग सेंटर पर हमले की आशंका थी। महुआर ने कोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी तरह का भय फैलाना या कानून-व्यवस्था को चुनौती देना इस घटना का उद्देश्य बिल्कुल नहीं था। खान सर ने भी खुद को इस मामले में पूरी तरह निर्दोष बताया और कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला तथ्यों पर आधारित नहीं है।

ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग से मचा था हड़कंप
पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने शहर में एक बड़ा हड़कंप मचा दिया था। खान सर के सुरक्षा गार्ड द्वारा की गई इस फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया और खान सर के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी। इस घटना के बाद से ही खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी थी। पटना पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए सभी पहलुओं पर बारीकी से काम शुरू किया। पुलिस की एक विशेष टीम खान सर का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए सक्रिय हो गई थी।
खान सर की तलाश में जुटी थी पुलिस की पूरी टीम
पटना कोचिंग सेंटर विवाद मामले में पुलिस खान सर की गिरफ्तारी को लेकर बेहद तेज और आक्रामक रवैया अपनाए हुए थी। जानकारी के मुताबिक पुलिस की एक पूरी टीम खान सर को ढूंढने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए लगातार सक्रिय थी। इसी बीच खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने पटना जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करके एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया। वकील ने कोर्ट को बताया कि ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक और अन्य लोगों के खिलाफ खान सर के स्टाफ की ओर से पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बाद प्रतिपक्ष की ओर से खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा।
हमले की शिकायत के बाद दूसरे कोचिंग संचालक रौशन कुमार गिरफ्तार
इस पूरे विवाद में एक और महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब खान सर ने अपने कोचिंग सेंटर पर हुए कथित हमले के संदर्भ में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने दूसरे कोचिंग सेंटर के संचालक रौशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इससे यह बात साफ होती है कि यह मामला महज एक फायरिंग की घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे दो प्रतिस्पर्धी कोचिंग सेंटरों के बीच का आपसी विवाद और तनाव भी है। पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस विवाद की असली जड़ क्या है और इसमें कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
पुलिस ने खान सर पर आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में दर्ज किया केस
फायरिंग मामले की जांच के दौरान पुलिस को जो साक्ष्य और बरामद हथियार मिले, उनके आधार पर खान सर और दो अन्य लोगों के खिलाफ उकसावे और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर मामले को और अधिक गंभीर बना देती है क्योंकि आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामलों में सजा के प्रावधान काफी कड़े होते हैं। पुलिस ने इसके साथ ही सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर खान सर के कोचिंग संस्थान और उनसे जुड़े अस्पताल को भी नोटिस जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल पटना कोर्ट के आदेश से खान सर को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है और अब सभी की निगाहें कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं।











