Pawan Khera News : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि सीमा पर अब भी आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय तक इस मुद्दे से जुड़े तथ्यों को सामने लाने से बचती रही।
सेना और ITBP जवानों की बहादुरी को किया सलाम
पवन खेड़ा ने कहा कि सीमा पर तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा कर रहे हैं और उनका साहस सम्मान के योग्य है। उन्होंने सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को सलाम किया। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवानों की बहादुरी और बलिदान को उचित सम्मान नहीं दे रही है। उनके मुताबिक, सीमा की वास्तविक स्थिति को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
गलवान संघर्ष और चीन को क्लीन चिट देने का आरोप
खेड़ा ने जून 2020 में लद्दाख के गलवान क्षेत्र में हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर चीन को क्लीन चिट देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उस समय दिए गए बयानों से चीन का मनोबल बढ़ा। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या सीमा पर 2020 से पहले वाली स्थिति बहाल हो चुकी है।
उन्होंने पेट्रोलिंग पॉइंट्स का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि देश के 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 पर भारतीय जवानों की गश्त को लेकर सवाल हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इन क्षेत्रों में पहले जैसी गश्त फिर शुरू हो गई है। खेड़ा ने मांग की कि सरकार गलवान में शहीद हुए 20 जवानों के परिवारों और देश को सीमा की वास्तविक स्थिति बताए।
चीन के साथ व्यापार घाटे और नीतियों पर सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी चीन और अमेरिका के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने चीन के लिए वीजा नियमों में कथित राहत और भारत-चीन संबंधों से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए। खेड़ा ने भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 112 अरब डॉलर तक पहुंचने का दावा करते हुए पूछा कि भारत की ओर से कदम उठाए जाने के बावजूद चीन भारतीय हितों के खिलाफ क्यों काम कर रहा है।
टनल बोरिंग मशीनों और रेयर अर्थ मिनरल्स का मुद्दा
खेड़ा ने टनल बोरिंग मशीनों, रेयर अर्थ मिनरल्स और उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने दावा किया कि इन क्षेत्रों में चीन पर निर्भरता भारत के लिए चुनौती बन रही है। उन्होंने जर्मनी से टनल बोरिंग मशीनें खरीदने की प्रक्रिया पर चीन के प्रभाव का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन दावों पर सरकार का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
ऑपरेशन सिंदूर और अरुणाचल प्रदेश को लेकर सवाल
पवन खेड़ा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि भारत ने इस संबंध में क्या कदम उठाए। उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर, गलवान और अरुणाचल प्रदेश में सीमा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र के भीतर चीन की ओर से टेंट लगाए गए हैं और क्या सीमा पर पुरानी स्थिति बहाल हुई है।
खेड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से भारत को हुए लाभ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, न कि सूत्रों के हवाले से खबरें सामने आने के बाद मामले को टालना चाहिए।
प्रधानमंत्री पर कांग्रेस का जिक्र करने को लेकर तंज
खेड़ा ने प्रधानमंत्री पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी नेहरू और राहुल गांधी का उल्लेख करने को लेकर तंज कसा। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म के प्रसिद्ध संवाद का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री के कांग्रेस पर लगातार हमलों की आलोचना की। यह टिप्पणी उनके राजनीतिक हमले का हिस्सा थी।
सरकार से सीमा की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की जनता और सेना सरकार के साथ खड़ी रही है, इसलिए केंद्र को बताना चाहिए कि चीन के साथ सीमा पर वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने मांग की कि सरकार भारतीय जवानों की गश्त, राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी सार्वजनिक करे। फिलहाल, खेड़ा के आरोपों और सवालों पर केंद्र सरकार का विस्तृत आधिकारिक जवाब इस खबर में शामिल नहीं है।
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