Pawan Singh Controversy: भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार पवन सिंह एक बार फिर विवादों में हैं, इस बार उनके निजी जीवन को लेकर। उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे मामला राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों स्तर पर गरमाता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि पवन सिंह ने उन्हें गर्भपात की दवाएं दीं और जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

“अगर बच्चा चाहिए होता तो अबॉर्शन की दवा क्यों देते?”
ज्योति सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि पवन सिंह भले ही सार्वजनिक मंचों पर बच्चा चाहने की बात करते हों, लेकिन असलियत यह है कि हर बार जब वह गर्भवती हुईं, तो उन्हें जबरदस्ती अबॉर्शन की दवाएं दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो उन्हें टॉर्चर किया गया।

स्लीपिंग पिल्स खाकर की आत्महत्या की कोशिश
उन्होंने यह भी बताया कि इस लगातार हो रही प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने एक बार नींद की गोलियां खा ली थीं। उस समय पवन सिंह के भाई उन्हें अस्पताल ले गए थे। यह घटना न केवल घरेलू हिंसा को उजागर करती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पवन सिंह और राजनीति का कनेक्शन
पवन सिंह के राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर भी ज्योति सिंह ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति 15 साल तक पार्टी से जुड़ा रहा, लेकिन एक टिकट नहीं पा सका, वह उन्हें क्या टिकट दिलवाएगा। उन्होंने कहा, “जो अपने वोटरों के लिए खड़ा नहीं हो सका, वह अपनी पत्नी के लिए क्या खड़ा होगा?” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह काराकाट सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं, क्योंकि पवन सिंह वहां से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद दोबारा क्षेत्र में नहीं गए।
“मैं रिश्ता जोड़ने गई थी, राजनीति करने नहीं”
ज्योति सिंह ने कहा कि वह 5 अक्टूबर को पवन सिंह से मिलने उनके आवास पर गई थीं, लेकिन गार्ड ने उन्हें मिलने नहीं दिया। उनका कहना है कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्ते को बचाने की कोशिश थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर पवन सिंह उन्हें अपनाने को तैयार हो जाते हैं, तो वह अपना राजनीतिक सपना और परिवार तक छोड़ सकती हैं।
कोर्ट केस और सिंदूर का सवाल
ज्योति सिंह ने पवन सिंह से सीधा सवाल करते हुए कहा, “जब आपने मुझे लोकसभा चुनाव में बुलाया था, क्या तब हमारा केस कोर्ट में नहीं था? और जब आपने फिर से मेरी मांग में सिंदूर भरा, क्या तब हम कोर्ट में नहीं थे?” इस सवाल ने पवन सिंह के दोहरे रवैये को लेकर बहस छेड़ दी है।
पवन सिंह और ज्योति सिंह के रिश्ते की यह लड़ाई अब सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं रह गई है, बल्कि इसके पीछे राजनीति, मानसिक प्रताड़ना और महिला अधिकार जैसे कई मुद्दे जुड़े हैं। अब देखना होगा कि पवन सिंह इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और यह मामला कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर क्या मोड़ लेता है।











