People Against SIR Protest: देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन तेज करने की तैयारी है। ‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ गठबंधन ने 23 अक्टूबर को देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों को लेकर विभिन्न सामाजिक समूह एकजुट होकर आवाज उठाएंगे। गठबंधन ने छात्रों, किसानों, मजदूरों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गठबंधन ने उठाए सवाल
गठबंधन की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि भारतीय लोकतंत्र गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है और चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता खो चुका है। संगठन का दावा है कि SIR प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। इसी मुद्दे को लेकर गठबंधन चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है। हालांकि, ये आरोप संगठन के बयान पर आधारित हैं। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़ों और उसके कारणों का स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।
आंदोलन में कई चर्चित चेहरे शामिल होने का दावा
‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ ने अपने आंदोलन में कई चर्चित सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक हस्तियों, वकीलों, किसान नेताओं और कलाकारों के शामिल होने की बात कही है। इनमें अर्थशास्त्री डॉ. परकाला प्रभाकर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, अभिनेता प्रकाश राज, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और किसान नेता राकेश टिकैत के नाम शामिल हैं। इसके अलावा AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, लेखक तुषार गांधी, अंजलि भारद्वाज, गणेश देवी, आइशी घोष और विराज देवांग के भी आंदोलन से जुड़ने का उल्लेख किया गया है। उनकी भागीदारी और कार्यक्रमों की अंतिम जानकारी संबंधित आयोजकों से पुष्टि किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगी।
‘हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर’ का नारा
आंदोलन के आयोजकों ने ‘हर हाथ में तिरंगा और हर गली में जंतर-मंतर’ का नारा दिया है। इसके जरिए नागरिकों और युवाओं से अपने-अपने इलाकों में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की गई है। गठबंधन ने विपक्षी राजनीतिक दलों से भी आंदोलन में भाग लेने का आग्रह किया है। संगठन का उद्देश्य SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी सुधारों के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाना है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन के स्थान, समय और अनुमति संबंधी विवरणों की पुष्टि स्थानीय आयोजकों से करना जरूरी होगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
गठबंधन की प्रमुख मांगों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। संगठन चाहता है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और निर्वाचन व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएं। यह मांग राजनीतिक और संस्थागत विवाद का हिस्सा है। किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया संबंधित कानूनों और संवैधानिक प्रावधानों के तहत ही तय होती है।
SIR रद्द करने और मतदाता सूची में नाम बहाल करने की मांग
‘पीपुल्स अगेंस्ट SIR’ ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने और हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की है। गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 13 करोड़ योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिनमें वंचित और अल्पसंख्यक समुदायों के लोग भी शामिल हैं। इस आंकड़े को संगठन का दावा समझना चाहिए; इसे आधिकारिक या स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने से पहले संबंधित स्रोतों की पुष्टि जरूरी है।
चुनावी सुधार और बैलेट पेपर से मतदान की मांग
गठबंधन ने चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 में किए गए संशोधनों को रद्द करने और चुनाव आयोग के गठन के लिए निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही चुनाव सुधार लागू करने और बैलेट पेपर से मतदान की व्यवस्था वापस लाने की मांग की गई है। 14 अक्टूबर को गठित इस गठबंधन का कहना है कि मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी जरूरी है। अब 23 अक्टूबर के प्रस्तावित आंदोलन पर नजर रहेगी कि इसमें कितने संगठन और नागरिक शामिल होते हैं तथा उनकी मांगों पर संबंधित संस्थाओं की क्या प्रतिक्रिया आती है।
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