छत्तीसगढ़

करोड़ों की लागत से संवारा गया पीजी कॉलेज ग्राउंड बदहाली की ओर, भीषण गर्मी में सूख रहे पौधे

Ambikapur News : अंबिकापुर शहर का गौरव माने जाने वाला पीजी कॉलेज ग्राउंड इन दिनों अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का शिकार होता नजर आ रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर हाल ही में ग्राउंड का सौंदर्यीकरण कराया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब वही विकास कार्य धीरे-धीरे दम तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच ग्राउंड में लगाए गए पौधे सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जबकि वॉकिंग ट्रैक और अन्य संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त होने लगी हैं।

अंबिकापुर का पीजी कॉलेज ग्राउंड, जिसे सरगुजा संभाग का सबसे बड़ा एवं प्रमुख सार्वजनिक ग्राउंड माना जाता है, आज अपनी बदहाल व्यवस्था और रखरखाव की कमी को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ ही महीनों पूर्व इस ग्राउंड में करोड़ों रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण, वॉकिंग ट्रैक, पौधारोपण, लाइटिंग एवं अन्य विकास कार्य कराए गए थे, ताकि शहरवासियों, युवाओं एवं खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि निर्माण कार्यों के बाद उनके रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह नजरअंदाज कर दी गई है। जहां एक ओर अंबिकापुर में इन दिनों तापमान लगातार 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्राउंड में लगाए गए पौधों को नियमित पानी तक नहीं मिल पा रहा। भीषण गर्मी और लापरवाही के कारण कई पौधे सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।

ग्राउंड में बनाए गए वॉकिंग ट्रैक भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। वहीं लाइट व्यवस्था के लिए बनाए गए डिवाइडर एवं अन्य संरचनाएं भी उचित देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खराब होती जा रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि रखरखाव नहीं होगा, तो आने वाले समय में यह पूरा विकास कार्य केवल दिखावा बनकर रह जाएगा।

आज़ाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने कहा कि पीजी कॉलेज ग्राउंड केवल एक मैदान नहीं, बल्कि सरगुजा संभाग की पहचान है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में युवा, खिलाड़ी, बुजुर्ग एवं आम नागरिक मॉर्निंग वॉक, खेलकूद एवं स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल की अनदेखी प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य कराना सराहनीय है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी उसका नियमित रखरखाव, साफ-सफाई, पौधों की सिंचाई एवं संरचनाओं की निगरानी है। यदि समय रहते इस दिशा में गंभीर कदम नहीं उठाए गए, तो सार्वजनिक धन से किए गए ये विकास कार्य बहुत जल्द अपनी उपयोगिता खो देंगे।

रचित मिश्रा ने नगर निगम अंबिकापुर एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल ग्राउंड का निरीक्षण कराया जाए तथा पौधों की नियमित सिंचाई, वॉकिंग ट्रैक की मरम्मत, लाइट व्यवस्था एवं पूरे परिसर के रखरखाव के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर एवं सुरक्षित सुविधाएं मिलती रहें।

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