Philippines Senate shooting
Philippines Senate shooting : फिलीपींस की राजधानी मनीला से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बुधवार की रात सीनेट की इमारत अचानक गोलियों की गड़गड़ाहट से दहल उठी। एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब सुरक्षा अधिकारी एक वर्तमान सीनेटर को हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे थे। सीनेट जैसे सुरक्षित और गरिमामय परिसर के भीतर इस तरह की हिंसा ने न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सनसनी फैला दी है। जैसे ही फायरिंग शुरू हुई, परिसर में मौजूद कर्मचारी और अन्य अधिकारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे वहां हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई।
हालांकि इस घटना को हुए कई घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोलीबारी वास्तव में किस पक्ष की ओर से शुरू हुई थी। क्या यह सुरक्षा बलों और सीनेटर के समर्थकों के बीच झड़प थी, या फिर किसी और तीसरे पक्ष ने इस अराजकता का फायदा उठाया, इसकी जांच अभी जारी है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, यह भी साफ नहीं है कि इस गोलीबारी में कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है या नहीं। घटना के समय सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा अपने कुछ वफादार सहयोगी सीनेटरों के संरक्षण में थे, जो उनकी गिरफ्तारी का पुरजोर विरोध कर रहे थे।
इस पूरे ड्रामे के केंद्र में सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा हैं। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने डेला रोजा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को सार्वजनिक कर दिया था। डेला रोजा केवल एक राजनेता ही नहीं हैं, बल्कि वे फिलीपींस राष्ट्रीय पुलिस के पूर्व प्रमुख भी रह चुके हैं। उन पर मानवता के खिलाफ अपराध करने के गंभीर आरोप लगे हैं। फिलीपींस के अधिकारी आईसीसी के आदेशों का पालन करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण को सौंपने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सीनेट परिसर के भीतर उन्हें जबरदस्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
डेला रोजा की गिरफ्तारी का मुख्य कारण उनका पिछला कार्यकाल है। वे तत्कालीन राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के सबसे भरोसेमंद अधिकारी थे और उन्होंने ही दुतेर्ते के विवादास्पद ‘नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान’ (War on Drugs) को जमीनी स्तर पर लागू किया था। इस अभियान के दौरान फिलीपींस में हजारों लोग मारे गए थे। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि मारे गए लोगों में से अधिकांश छोटे-मोटे संदिग्ध थे, जिन्हें बिना किसी निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के मौत के घाट उतार दिया गया। आईसीसी ने अपने वारंट में डेला रोजा पर जुलाई 2016 से अप्रैल 2018 के बीच कम से कम 32 लोगों की हत्या का सीधा आरोप लगाया है।
यह वारंट मूल रूप से नवंबर में ही गोपनीय तरीके से जारी किया गया था, लेकिन इसे अब सार्वजनिक किया गया है। वर्तमान में सीनेटर होने के नाते, डेला रोजा को कुछ विशेष संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं, जिसका उनके समर्थक बचाव में इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, आईसीसी और मानवाधिकार समर्थकों का कहना है कि मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में कोई भी पद सुरक्षा की ढाल नहीं बन सकता। फिलीपींस की राजनीति इस समय दो गुटों में बंट गई है—एक जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने की बात कर रहा है, और दूसरा जो डेला रोजा को राष्ट्रभक्त बताकर उनकी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित करार दे रहा है। आने वाले दिन फिलीपींस की न्यायपालिका और कार्यपालिका के लिए अग्निपरीक्षा साबित होंगे।
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