Pithampur Company Fire
Pithampur Company Fire : मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर के सेक्टर-3 में मंगलवार की रात करीब 9:45 बजे एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। यहां स्थित ‘हजारगो इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी’ में अचानक भीषण आग लग गई। वेस्ट मैनेजमेंट और रासायनिक कचरे के निस्तारण का काम करने वाली इस फैक्ट्री में आग ने पलक झपकते ही इतना विकराल रूप ले लिया कि इसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जाने लगीं। आग लगने के कुछ ही मिनटों के भीतर केमिकल से भरे ड्रमों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिससे पूरा इलाका दहल गया और आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों में दहशत का माहौल बन गया।
हादसे के समय फैक्ट्री के भीतर करीब 10 मजदूर काम कर रहे थे। गनीमत रही कि आग फैलते ही सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी और एसपी मयंक अवस्थी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आग की तीव्रता को देखते हुए पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों से दमकल की 10 गाड़ियां तुरंत तैनात की गईं। आग की भीषणता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इंदौर नगर निगम से विशेष तौर पर 2 ‘फोम एक्सटिंग्विशर’ और अत्याधुनिक रोबोट मंगाने पड़े ताकि उन हिस्सों तक पहुंचा जा सके जहां इंसान का जाना असंभव था।
केमिकल की आग होने के कारण दमकलकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग को फैलने से रोकने के लिए रेत और बजरी से भरे डंपरों का इस्तेमाल किया गया, ताकि ज्वलनशील पदार्थ बहकर दूसरी फैक्ट्रियों तक न पहुंचे। इस अग्नितांडव में फैक्ट्री परिसर में खड़ी एक जेसीबी और एक हाइड्रा क्रेन जलकर पूरी तरह खाक हो गई। एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि फैक्ट्री में अत्यधिक ज्वलनशील कचरा मौजूद था, जिसके कारण लपटों पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण रहा। सुरक्षा के लिहाज से पास के ढाबों और अस्थाई आवासों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया।
हजारगो कंपनी की आग इतनी बेकाबू थी कि इसने पड़ोस की दो अन्य बड़ी कंपनियों, ‘स्लीपलूप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘गलार्ड स्टील लिमिटेड’ को भी अपनी चपेट में ले लिया। इन कंपनियों के मालिक जौहर काला ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनकी पूरी प्लांट और मशीनरी जलकर राख हो गई है। ये कंपनियां रेलवे और डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए कलपुर्जों की आपूर्ति करती थीं। काला ने आरोप लगाया कि पिछले 4 वर्षों में इस इलाके में आग लगने की यह चौथी बड़ी घटना है, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी सुरक्षा मानकों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन ने अब आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि औद्योगिक कचरे को जलाने की प्रक्रिया के दौरान निकली चिंगारी ने केमिकल को पकड़ लिया होगा। फिलहाल आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन धुएं का गुबार अब भी देखा जा सकता है। एसडीईआरएफ (SDRF) की टीम भी मौके पर मौजूद है और ‘कूलिंग ऑपरेशन’ जारी है। इस हादसे ने पीथमपुर के औद्योगिक सुरक्षा ऑडिट पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये के नुकसान के बाद फिलहाल क्षेत्र में औद्योगिक उत्पादन ठप है।
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