Gaza peace deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत कर गाजा में शांति स्थापना के प्रयासों के लिए उन्हें बधाई दी है। उन्होंने इजराइल और हमास के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में हुए शांति समझौते को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह समझौता क्षेत्र में स्थायी शांति लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गाजा में युद्ध विराम पर बनी सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि इजराइल और हमास ने अमेरिका की पहल पर तैयार किए गए शांति योजना के पहले चरण को स्वीकार कर लिया है। दोनों पक्षों ने सीजफायर (युद्ध विराम) पर सहमति जताई है। यह कदम दो साल से चल रहे भीषण संघर्ष के बाद आया है, जिसमें हजारों लोगों की जानें गईं और गाजा का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे “ऐतिहासिक और अभूतपूर्व” घटना बताया और कहा कि इस समझौते से गाजा और पूरे मध्य पूर्व में स्थिरता आने की संभावना बढ़ी है।
पीएम मोदी ने की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत में इस समझौते की सराहना की और गाजा के लोगों को राहत पहुंचाने तथा बंधकों की रिहाई की दिशा में उठाए गए कदमों की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मजबूत नेतृत्व का प्रमाण है।
मोदी ने कहा कि यह पहल दोनों पक्षों को लंबे समय तक चलने वाली शांति और स्थायित्व की ओर ले जाएगी। इससे पहले भी पीएम मोदी ने एक ट्वीट कर इस समझौते को शांति के प्रयासों की बड़ी सफलता बताया था।
गाजा में खुशी की लहर
इस शांति डील की घोषणा के बाद गाजा की सड़कों पर जश्न का माहौल देखा गया। लोग घरों से बाहर निकलकर एक-दूसरे को गले लगा रहे हैं और युद्ध के अंत की उम्मीद जता रहे हैं। कई परिवारों को उम्मीद है कि अब उन्हें स्थायी राहत और मदद मिल सकेगी।
दो साल से जारी था खूनी संघर्ष
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमले से इस संघर्ष की शुरुआत हुई थी। इस हमले में 1,200 लोग मारे गए थे और 251 बंधक बना लिए गए थे। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा पर भीषण हवाई और जमीनी हमला किया, जिसमें 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए और 1.7 लाख से अधिक घायल हुए।गाजा की बड़ी आबादी बेघर हो गई और बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया। अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी सेवाएं भी युद्ध की भेंट चढ़ गईं।
इजराइल और हमास के बीच हुआ यह समझौता मध्य पूर्व में स्थायी शांति की ओर एक सकारात्मक संकेत है। पीएम मोदी की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को दी गई बधाई भारत की ओर से शांति और स्थिरता के समर्थन को दर्शाती है। अब देखने वाली बात होगी कि यह शांति समझौता आगे कितना कारगर साबित होता है और क्या यह दशकों पुराने संघर्ष का समाधान बन पाता है।
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