Raipur Nude Party Poster: राजधानी रायपुर में 21 सितंबर को होने वाली कथित ‘न्यूड पार्टी’ के सोशल मीडिया पोस्टर ने प्रदेश की राजनीति और समाज में सनसनी फैला दी है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि यह आयोजन किसी अज्ञात क्लब के माध्यम से किया जा रहा है और इच्छुक लोगों को मोबाइल नंबर 9202495768 पर संपर्क कर बुकिंग कराने के लिए कहा गया है। इस विवादित पोस्ट ने जहां प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है, वहीं विपक्ष ने भी इसे लेकर BJP सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

कांग्रेस का BJP पर हमला
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने इस पोस्टर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यजनक और शर्मनाक है कि छत्तीसगढ़ में इस तरह की अश्लील गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। यह ‘बेशर्म भाजपा की बेशर्मी’ का खुला प्रदर्शन है। सरकार के संरक्षण में नैतिकता को तार-तार किया जा रहा है।”

ठाकुर ने सवाल उठाया कि राज्य में इस तरह के आयोजनों की अनुमति कैसे मिल रही है, और प्रशासन क्यों खामोश है? उन्होंने सरकार से इसकी जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा का बयान
वहीं इस पूरे विवाद पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “मेरे संज्ञान में यह मामला अभी आया है। यदि इस प्रकार का कोई आयोजन वास्तव में हो रहा है तो वह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। ऐसे आयोजनों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस विषय पर गंभीर है और संबंधित विभागों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रशासन और पुलिस की चुप्पी
हालांकि इस वायरल पोस्टर को लेकर अब तक प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह चुप्पी जनता के बीच और भी सवाल खड़े कर रही है। सोशल मीडिया पर भी इस पोस्टर को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं—कुछ लोग इसे ‘फर्जी’ प्रचार बता रहे हैं, तो कुछ इसे ‘संस्कृति पर हमला’ मान रहे हैं।
साइबर सेल की जांच की मांग
कई सामाजिक संगठनों ने इस मामले की साइबर सेल से जांच करवाने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पोस्टर असली है या किसी के द्वारा जानबूझकर फैलाया गया भ्रम। यदि यह फर्जी है तो इसके पीछे की मंशा और लोगों को भड़काने की कोशिश का भी पर्दाफाश होना चाहिए।
रायपुर जैसे संवेदनशील और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध शहर में इस तरह के विवादित आयोजन का प्रचार न केवल सामाजिक मूल्यों को चोट पहुंचाता है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकता है। ऐसे मामलों में प्रशासन की तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में अनुशासन और नैतिकता बनी रहे।
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