उत्तर प्रदेश में बीते दिनों ‘I Love Mohammad’ पोस्टर विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अब इसका जवाब ‘I Love Bulldozer’ और ‘I Love Yogi Adityanath Ji’ जैसे पोस्टरों से दिया जा रहा है। लखनऊ समेत कई जिलों में लगे इन पोस्टरों ने राज्य में राजनीतिक और धार्मिक ध्रुवीकरण को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

लखनऊ की सड़कों पर लगे ‘I Love Bulldozer’ पोस्टर
लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के महासचिव अमित त्रिपाठी द्वारा ‘I Love Bulldozer’ और ‘I Love Shri Yogi Adityanath Ji’ के बड़े-बड़े फ्लेक्स बोर्ड शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर, बुलडोजर और खुद अमित त्रिपाठी की फोटो भी छपी हुई है। यह कदम, ‘I Love Mohammad’ पोस्टर के वायरल होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
इस पूरे विवाद की शुरुआत कानपुर से हुई, जहां बारावफात के जुलूस के दौरान बिना अनुमति के सड़क पर एक टेंट लगाकर ‘I Love Mohammad’ का पोस्टर लगाया गया। इसके बाद कानून व्यवस्था का उल्लंघन मानते हुए पुलिस ने अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 9 नामजद और 15 अज्ञात हैं।
वाराणसी और उज्जैन में ‘I Love Mahadev’ के पोस्टर
‘I Love Mohammad’ के पोस्टरों की प्रतिक्रिया स्वरूप वाराणसी की गलियों में ‘I Love Mahadev’ पोस्टर लगाए गए। स्थानीय संतों और हिन्दू संगठनों ने सड़कों पर उतरकर हर-हर महादेव के जयघोष के साथ विरोध जताया। उनका कहना था कि यह भारत को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाने की साजिश है और ऐसे विदेशी फंड से प्रेरित अभियान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उज्जैन और मध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ‘I Love Mahadev’ पोस्टर अभियान चलाया गया। संतों ने इसे एक धार्मिक चेतना के रूप में प्रचारित किया।
सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक गर्म माहौल
इस पूरे विवाद ने न केवल सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दिया है, बल्कि सड़कों पर भी राजनीतिक और धार्मिक ध्रुवीकरण को हवा दी है। एक ओर जहां कुछ संगठन इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, कई लोग इसे सांप्रदायिक तनाव फैलाने का हथकंडा मान रहे हैं।राज्य के अन्य शहरों जैसे बरेली, आगरा, मुरादाबाद, संभल में भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन और पोस्टर वॉर जारी है।
प्रशासन अलर्ट, कानून व्यवस्था पर सख्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही सभी जिलों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दे दिए हैं। खासकर धार्मिक जुलूसों में भड़काऊ नारेबाजी या पोस्टरबाजी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया की भी कड़ी निगरानी कर रही है ताकि अफवाहें और उकसावे की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। उत्तर प्रदेश में पोस्टर पॉलिटिक्स अब धार्मिक पहचान की राजनीति में तब्दील होती दिख रही है। ‘I Love Mohammad’ से शुरू हुआ विवाद अब ‘I Love Bulldozer’ और ‘I Love Yogi Ji’ तक पहुंच चुका है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह कानून-व्यवस्था को बनाए रखते हुए किसी भी सांप्रदायिक तनाव को बढ़ने न दे।
Read More : Bareilly Violence पर CM Yogi का सख्त संदेश: “उपद्रवियों को कुचल देगी सरकार, कोई नहीं बचेगा”










