Praval Revanna prison duty: बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व JDS सांसद प्रज्वल रेवन्ना को अब जेल की लाइब्रेरी में काम सौंपा गया है। जेल प्रशासन ने जानकारी दी है कि रेवन्ना हफ्ते में तीन दिन लाइब्रेरी में ड्यूटी करेगा और उसे प्रतिदिन ₹522 की मजदूरी दी जाएगी। काम के घंटे और प्रदर्शन के आधार पर ही उसे यह मजदूरी दी जाएगी।

लाइब्रेरी में क्या काम करेगा प्रज्वल?
जेल नियमों के मुताबिक, उम्रकैद भुगत रहे कैदियों के लिए काम करना अनिवार्य होता है। रेवन्ना को उसकी योग्यता और व्यवहार के आधार पर लाइब्रेरी का काम सौंपा गया है। उसे किताबें जारी करना, उनका रिकॉर्ड संभालना और लाइब्रेरी का सामान्य प्रबंधन देखना होगा। यह काम महीने में कम से कम 12 दिन करना अनिवार्य होगा।

रेप केस में उम्रकैद, 11.50 लाख का जुर्माना
2 अगस्त 2025 को बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना को एक घरेलू सहायिका से बार-बार रेप करने के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उस पर ₹11.50 लाख का जुर्माना भी लगाया, जिसमें से ₹11.25 लाख पीड़िता को बतौर मुआवज़ा दिए जाएंगे।
इससे पहले 1 अगस्त को कोर्ट ने रेवन्ना को दोषी करार दिया था। यह चार दर्ज मामलों में पहला है जिसमें उसे सजा मिली है। बाकी तीन मामलों की सुनवाई फिलहाल जारी है।
कौन है प्रज्वल रेवन्ना?
प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते और पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे हैं। वह कर्नाटक के हासन लोकसभा सीट से पूर्व सांसद रह चुके हैं। रेवन्ना का नाम 2023 में सामने आए कर्नाटक सेक्स स्कैंडल में भी उछला था, जिसमें 50 से ज्यादा महिलाओं ने उन पर यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है मामला?
47 वर्षीय पीड़िता ने अप्रैल 2023 में FIR दर्ज कराते हुए बताया था कि वह रेवन्ना के परिवार के फार्महाउस में काम करती थी। महिला के अनुसार, 2021 से कई बार उसका शारीरिक शोषण किया गया और विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई।
प्रज्वल रेवन्ना के जेल में लाइब्रेरी की ड्यूटी से यह स्पष्ट है कि क़ानून अब राजनीतिक रसूख और सत्ता को दरकिनार कर अपना काम कर रहा है। यह मामला न केवल न्यायिक प्रणाली की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के प्रति संवेदनशीलता की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।










