PM Modi Address to Nation : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए ‘नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म’ को भारत के विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तब ही साकार हो सकता है जब देश की ज़रूरतों को स्थानीय उत्पादन से पूरा किया जाए। उन्होंने MSME सेक्टर की विशेष भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भारत की आर्थिक रीढ़ है और इसके सशक्त होने से ही देश मजबूत होगा।

आत्मनिर्भर भारत के लिए लोकल प्रोडक्शन पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:”जो देश के लोगों की जरूरत है, जो हम भारत में बना सकते हैं, वह हमें देश में ही बनाना चाहिए। आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की पहली शर्त है।”उन्होंने MSME (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज) को इस दिशा में गेम-चेंजर बताते हुए सरकार की पूरी सहायता का आश्वासन दिया।

GST रिफॉर्म: दुकानदारों से लेकर उपभोक्ताओं तक उत्साह
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुकानदार भाई-बहन GST बदलाव से उत्साहित हैं और वे इस बचत को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भवः” मंत्र का उल्लेख करते हुए इसे नई कर नीति की आत्मा बताया।
उन्होंने कहा:”GST और इनकम टैक्स छूट को जोड़ दें तो देशवासियों को 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत हो सकती है। यह एक नया आर्थिक अध्याय है।”
गरीबों को डबल लाभ: टैक्स कम, सामान सस्ता
मोदी ने कहा कि गरीबों को GST में कटौती से डबल बोनांजा मिल रहा है। अब उन्हें घर बनाने, TV, फ्रिज, बाइक, स्कूटर जैसी जरूरतों पर कम खर्च करना होगा। साथ ही, ट्रैवल और टूरिज्म पर भी खर्च घटेगा।“गरीब की बारी भी आई है। अब वह भी आर्थिक लाभ के दायरे में आएगा। विकास में उसकी हिस्सेदारी बढ़ेगी।”

25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर आए हैं और ये लोग अब न्यू मिडिल क्लास का हिस्सा बनकर देश के आर्थिक विकास में भागीदार बन रहे हैं।उन्होंने कहा:“सरकार ने इस साल 12 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स को फ्री कर दिया है। यह मिडिल क्लास के लिए बड़ा तोहफा है।”
सिर्फ दो टैक्स स्लैब: 5% और 18%
GST रिफॉर्म के तहत अब देश में सिर्फ दो टैक्स स्लैब – 5% और 18% ही रहेंगे। रोजमर्रा की उपयोगी चीजें या तो टैक्स फ्री होंगी या केवल 5% GST के अंतर्गत आएंगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि:“पहले जिन उत्पादों पर 12% टैक्स लगता था, उनमें से 99% अब 5% स्लैब में आ गए हैं। यह हर भारतीय के लिए सस्ता और सरल टैक्स सिस्टम है।”
वन नेशन, वन टैक्स का सपना साकार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने दशकों पुराने टैक्स जंजाल को खत्म करके ‘वन नेशन, वन टैक्स’ के सपने को साकार किया है। उन्होंने कहा:“GST सिर्फ टैक्स सुधार नहीं, ये राष्ट्र के आर्थिक ढांचे को सरल, पारदर्शी और सक्षम बनाने का अभियान है।”
नेक्स्ट जनरेशन GST: कारोबार होगा आसान, निवेश को मिलेगा बढ़ावा
पीएम मोदी ने कहा कि नए GST रिफॉर्म्स से देश के व्यापारी, किसान, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी लाभान्वित होंगे। यह सुधार भारत की ग्रोथ स्टोरी को नई ऊंचाई देगा, कारोबार को आसान बनाएगा और निवेश को आकर्षक बनाएगा। उन्होंने कहा कि हर राज्य अब विकास की दौड़ में बराबरी का भागीदार बनेगा और लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर सामान मिलेगा।
2014 से पहले टैक्स का जाल था
प्रधानमंत्री ने 2014 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि देश में दर्जनों तरह के टैक्स थे। एक शहर से दूसरे शहर सामान भेजना बेहद मुश्किल था। “एक विदेशी अखबार ने लिखा था कि बेंगलुरु से हैदराबाद सामान भेजना यूरोप भेजने से ज्यादा मुश्किल था,” प्रधानमंत्री ने कहा। GST लागू होने से न केवल टैक्स की बेबसी और भ्रष्टाचार खत्म हुआ, बल्कि ईमानदार कारोबारियों को नई शक्ति मिली।
स्टेकहोल्डर्स और राज्यों से संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि GST लागू करने से पहले सरकार ने राज्यों, व्यापारिक संगठनों और हर स्तर के स्टेकहोल्डर्स से संवाद और विचार-विमर्श किया। हर समस्या का समाधान खोजा गया। उन्होंने कहा: “आजाद भारत में इतना बड़ा टैक्स रिफॉर्म, सबके सहयोग और विश्वास से संभव हो पाया है।”
त्योहारों में मिलेगा बचत का तोहफा
त्योहारी सीजन की शुरुआत पर प्रधानमंत्री ने कहा कि GST बचत उत्सव देश के करोड़ों नागरिकों के लिए बचत का अवसर लाएगा। उन्होंने कहा कि जब नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर उपभोक्ताओं को सस्ते दामों में वस्तुएं मिलेंगी, तो उनका उत्साह दोगुना होगा।
आत्मनिर्भर भारत के लिए बड़ा कदम
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नेक्स्ट जनरेशन GST, ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने देशवासियों से इस आर्थिक बदलाव को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत की कर प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव की घोषणा है। 22 सितंबर से लागू होने वाले GST रिफॉर्म्स देश को एक मजबूत और सरल टैक्स ढांचा देंगे। इससे उपभोक्ता, व्यापारी और हर वर्ग को फायदा मिलेगा और भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
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