Prince Andrew Epstein Files
Prince Andrew Epstein Files : ब्रिटिश राजपरिवार एक बार फिर गंभीर विवादों के केंद्र में है। कुख्यात यौन अपराधी दिवंगत जेफरी एपस्टीन की जांच से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद किंग चार्ल्स-3 के भाई, प्रिंस एंड्रयू की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। अमेरिकी जांच समिति के समक्ष पेश होने और पूछताछ का सामना करने के लिए उन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। हालांकि, महाराजा चार्ल्स पहले ही उनकी शाही उपाधियां और आधिकारिक जिम्मेदारियां रद्द कर चुके हैं, लेकिन ताज़ा दस्तावेजों ने ब्रिटिश राजशाही की साख पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए एपस्टीन से जुड़े लगभग 30 लाख पन्नों के दस्तावेज़ों ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है। इन फाइलों में प्रिंस एंड्रयू की एक अत्यंत विवादास्पद तस्वीर भी शामिल है, जिसमें उन्हें फर्श पर लेटी एक अज्ञात महिला के ऊपर घुटनों के बल बैठे हुए दिखाया गया है। हालांकि इस फोटो का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ सूत्रों का दावा है कि वह महिला रूसी मूल की थी। यह तस्वीर एंड्रयू के उन दावों पर सवाल उठाती है जिनमें उन्होंने एपस्टीन के साथ घनिष्ठता से इनकार किया था।
दस्तावेजों में एक नई महिला ने प्रिंस एंड्रयू पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि साल 2010 में एपस्टीन ने उसे जबरन ब्रिटेन भेजा था ताकि वह तत्कालीन प्रिंस एंड्रयू के साथ शारीरिक संबंध बना सके। महिला के अनुसार, यह घटना विंडसर एस्टेट स्थित एंड्रयू के निजी निवास ‘रॉयल लॉज’ में हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि महिला ने आरोप लगाया कि इस कृत्य के बाद उसे बकिंघम पैलेस का भ्रमण कराया गया और वहां चाय पिलाई गई। यह वर्जीनिया गिउफ्रे के बाद दूसरी ऐसी महिला है जिसने सार्वजनिक रूप से एंड्रयू पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं।
इससे पहले, वर्जीनिया गिउफ्रे ने आरोप लगाया था कि 2001 में जब वह महज 17 साल की थीं, तब एंड्रयू ने उनके साथ यौन संबंध बनाए थे। प्रिंस एंड्रयू इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं, लेकिन अब राजनीतिक दबाव भी बढ़ने लगा है। जापान की यात्रा पर गए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस मुद्दे पर कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा पीड़ितों के साथ रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो उसे साझा करने के लिए तैयार रहना चाहिए, अन्यथा उसे पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण नहीं माना जाएगा।
अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेट सदस्य अब प्रिंस एंड्रयू से कड़ी पूछताछ की मांग कर रहे हैं ताकि एपस्टीन के अन्य सहयोगियों और उसे संरक्षण देने वाले शक्तिशाली लोगों की पहचान की जा सके। जारी किए गए ईमेल से यह भी पता चला है कि एंड्रयू ने एपस्टीन को सजा होने के बाद भी बकिंघम पैलेस में रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था। यह तथ्य साबित करता है कि दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। इन खुलासों ने ब्रिटिश राजपरिवार के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है, और अब एंड्रयू के लिए अमेरिकी न्याय विभाग के सवालों से बचना लगभग असंभव नजर आ रहा है।
किंग चार्ल्स-3 के लिए यह स्थिति किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। एक तरफ वे राजशाही को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं उनके भाई से जुड़े ये विवाद पुराने जख्मों को कुरेद रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एंड्रयू को गवाही के लिए अमेरिका बुलाया जाता है, तो यह आधुनिक ब्रिटिश इतिहास में राजपरिवार के लिए सबसे शर्मनाक क्षणों में से एक होगा।
IPL 2026 CSK vs MI: आईपीएल 2026 के सबसे प्रतीक्षित मुकाबलों में से एक 'एल…
West Bengal Election : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो…
Jhansi Love Affair : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने…
Sarai Rohilla Murder : देश की राजधानी दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके में शनिवार को…
Karanvir Bohra Journey : एकता कपूर के कालजयी धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' से घर-घर में…
Odisha Bank Skeleton Case : ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष…
This website uses cookies.