Priyanka Gandhi: नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। गुरुवार को कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए छात्रों की मांगों का समर्थन किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास से कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के कई सांसद बस के जरिए राजघाट पहुंचे। वहां नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अपनी एकजुटता व्यक्त की। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है।

राजघाट से सरकार को दिया संदेश
राजघाट पहुंचने के बाद प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और महात्मा गांधी के विचारों को याद दिलाना है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों द्वारा किए गए आंदोलनों की सबसे बड़ी विशेषता अहिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन था। उनके अनुसार, आज भी लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवाद, शांतिपूर्ण विरोध और संवैधानिक तरीकों का सम्मान आवश्यक है।

छात्रों के साथ व्यवहार पर जताई चिंता
प्रियंका गांधी ने कहा कि आज अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों के साथ जिस तरह की घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, वे चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों की मांग करने वाले युवाओं के साथ कठोर व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि यदि छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान खोजा जाना चाहिए।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा पर दिया जोर
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि देश का लोकतंत्र अनेक स्वतंत्रता सेनानियों और महात्मा गांधी के संघर्षों की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना यह है कि नागरिक अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रख सकें और सरकार उनकी बात सुनकर उचित कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विवाद के बजाय राष्ट्रीय महत्व के विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
जवानों और छात्रों का किया उल्लेख
प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवान अपने कर्तव्यों का निर्वहन इसलिए करते हैं ताकि देश के नागरिक सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र अपने भविष्य और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर न्याय की मांग कर रहे हैं, तो उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं का विश्वास बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी के आवास पर जुटे विपक्षी नेता
राजघाट जाने से पहले राहुल गांधी के सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता एकत्र हुए। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, प्रमोद तिवारी, के. सुरेश, प्रणीति शिंदे, राष्ट्रीय जनता दल की ओर से मीसा भारती, संजय यादव, सुधाकर सिंह, माकपा के जॉन ब्रिटास, आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, सुगत रॉय सहित कई अन्य विपक्षी सांसद मौजूद रहे।
छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता
बैठक के बाद सभी नेता एक साथ राजघाट पहुंचे और छात्रों की मांगों के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई। विपक्षी दलों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए। वहीं, पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े आंदोलन को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस लगातार जारी है तथा सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के अगले कदम पर बनी हुई है।
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