Ambikapur News: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में नीट री-एग्जाम के बाद आत्महत्या करने वाली बस्तर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि देने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने गुरुवार को मौन मार्च निकाला। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं और युवा कांग्रेस के सदस्यों ने राजीव भवन से गांधी प्रतिमा तक शांतिपूर्वक रैली निकाली। हाथों में मोमबत्तियां लेकर सभी ने दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के दौरान परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।

गांधी प्रतिमा पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
मौन मार्च के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के पास एकत्र हुए, जहां मोमबत्तियां जलाकर छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और नेताओं ने छात्रा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत और उम्मीदों के साथ इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

छात्रा की मौत पर जताया दुख
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हरिका राव नायडू ने नीट की पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था और उन्हें अपने चयन की उम्मीद थी। उनके अनुसार, पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा परीक्षा आयोजित होने से परिस्थितियां बदल गईं। नेताओं का दावा है कि अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण छात्रा मानसिक तनाव और निराशा का सामना कर रही थीं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
महिला कांग्रेस ने सरकार पर उठाए सवाल
महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सीमा सोनी ने कार्यक्रम के दौरान परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं से छात्रों का विश्वास प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित नहीं की जाती, तो इसका असर लाखों युवाओं के भविष्य पर पड़ सकता है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच हो और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। नेताओं ने यह भी कहा कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि किसी भी छात्र को निराशा या तनाव का सामना न करना पड़े।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें जे.पी. श्रीवास्तव, द्वितेंद्र मिश्रा, राकेश गुप्ता, हेमंत सिन्हा, विनय शर्मा, नुरुल अमीन सिद्दीकी, दुर्गेश गुप्ता, मदन जायसवाल, प्रशांत सिंह, इंद्रजीत सिंह धंजल, सीमा सोनी, अनिमा केरकेट्टा, संजीव मंदिलवार, मुनेश्वर राजवाड़े, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, संजय सिंह, जमील खान, आलोक सिंह, नरेंद्र विश्वकर्मा और चंद्रप्रकाश सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता और युवा कांग्रेस के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
दो मिनट के मौन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन दो मिनट का मौन रखकर किया गया। उपस्थित लोगों ने दिवंगत छात्रा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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