Dharmendra Pradhan Resignation : नीट परीक्षा विवाद और देश भर में सड़कों पर उतरे छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इस बड़े और सनसनीखेज सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की मोदी सरकार पर बेहद तीखा और कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस इस्तीफे को देश के युवाओं के अडिग संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक ऐतिहासिक जीत करार दिया है।

प्रियंका गांधी ने जताई खुशी और लोकतंत्र की जीत
प्रियंका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह आज कई प्रमुख कारणों से बेहद खुश हैं, लेकिन सबसे मुख्य वजह यह है कि देश के आम नागरिकों ने आखिरकार अपना देश उन ताकतों से वापस लेना शुरू कर दिया है, जिन्होंने संविधान को लगातार नष्ट करने और जनता की आवाज को दबाने की हरसंभव कोशिश की थी। उन्होंने इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बड़ी और सच्ची जीत बताया।

छात्रों के गांधीवादी आंदोलन और साहस की सराहना
छात्रों के शांतिपूर्ण और पूरी तरह से गांधीवादी आंदोलन की सराहना करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यह भारत की युवा पीढ़ी की जीत है और उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने याद दिलाया कि किस प्रकार इन छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं। इसके बावजूद छात्र डटे रहे और उन्हें गंभीर चोटें आने पर भी वे बिल्कुल नहीं झुके।
सरकार को छात्रों की इच्छा के आगे झुकना पड़ा
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों के हौसले के आगे अंततः सरकार को ही उनकी इच्छा के सामने झुकना पड़ा। यह पूरा घटनाक्रम देश के हर शासक के लिए आज और हमेशा के लिए एक बहुत बड़ा सबक है कि आप जनता की आवाज को लंबे समय तक दबा नहीं सकते। लोकतंत्र में हमेशा जनता की इच्छा ही सर्वोपरि होती है।
कोई भी तानाशाह जनता की इच्छा को नहीं रोक सकता
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस नेत्री ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत या कोई भी तानाशाह भारतीय लोगों की सामूहिक इच्छा को कभी नहीं रोक सकता है। देश के छात्रों ने आज इस बात को पूरी तरह से साबित कर दिखाया है कि एकता और न्याय की मांग में कितनी बड़ी शक्ति होती है। तानाशाही रवैया अब देश में और अधिक दिनों तक नहीं चल पाएगा।
पीएम आवास के बाहर चला तीन घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा
दिल्ली में मंगलवार, 21 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और परीक्षा में हुई धांधली के भारी विरोध में विपक्ष ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) का रुख किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में विपक्ष के कई दिग्गज नेता पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नेताओं को लिया गया हिरासत में
कड़ी सुरक्षा वाले इस अति-सुरक्षित वीवीआईपी इलाके में लगभग तीन घंटे तक जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा चलता रहा। जब सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच बातचीत पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई, तब दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया। भारी पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए सभी प्रमुख विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया और धरना स्थल को पूरी तरह खाली करा दिया।











