Nobel Controversy : नोबेल शांति पुरस्कार 2025 की घोषणा हो चुकी है और यह सम्मान इस बार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को दिया गया है। लेकिन इस फैसले पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में गर्मागर्म बहस छिड़ गई है, खासकर इसलिए क्योंकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पुरस्कार नहीं मिला। ट्रंप को नजरअंदाज किए जाने पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

पुतिन ने नोबेल समिति पर उठाए सवाल
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप को शांति पुरस्कार न दिए जाने पर नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा,“अब नोबेल समिति पर विश्वास करना कठिन हो गया है। ट्रंप ने मध्य पूर्व में शांति के लिए जो कार्य किए हैं, खासतौर पर इजरायल और गाजा के बीच संघर्षविराम की दिशा में जो प्रयास किए, वे सराहनीय हैं।”

पुतिन ने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर शांति कायम रखने के लिए अनेक प्रयास किए, फिर भी उन्हें नजरअंदाज करना पुरस्कार की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कहा कि अब नोबेल की प्रतिष्ठा पहले जैसी नहीं रही।
नेतन्याहू ने बताया “असली हकदार”
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:“नोबेल समिति शांति की बात करती है, लेकिन ट्रंप उसे वास्तविकता में बदलते हैं। फैक्ट्स खुद बोलते हैं — ट्रंप ही नोबेल के असली हकदार हैं। नेतन्याहू ने ट्रंप द्वारा अब्राहम समझौते के जरिए मध्य पूर्व में किए गए शांति प्रयासों को याद दिलाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कई ऐतिहासिक शांति समझौते संभव हो पाए।
व्हाइट हाउस की भी तीखी प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने भी नोबेल समिति की आलोचना करते हुए कहा कि“नोबेल अब शांति से ज़्यादा राजनीति को प्राथमिकता देने लगा है। ट्रंप शांति समझौते करते रहेंगे, युद्धों को समाप्त करेंगे और जान बचाते रहेंगे।”
मचाडो ने ट्रंप को समर्पित किया सम्मान
गौर करने वाली बात यह है कि नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मारिया कोरिना मचाडो ने भी अपने पुरस्कार को ट्रंप को समर्पित करते हुए कहा कि दोनों ही वेनेजुएला में लोकतंत्र के लिए लड़ते रहे हैं और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने उनका हमेशा समर्थन किया।नोबेल शांति पुरस्कार 2025 को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप को नजरअंदाज किए जाने से जहां रूस और इजरायल जैसे देशों के शीर्ष नेता नाराज़ हैं, वहीं खुद पुरस्कार विजेता मचाडो द्वारा ट्रंप को सम्मान समर्पित करना यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ट्रंप की भूमिका को नजरअंदाज करना सभी को स्वीकार नहीं हो रहा।
Read More: सूदखोरी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर आपराधिक षड्यंत्र का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार











