Rahul Gandhi Accusation : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर भारत के चुनाव आयोग और चुनाव प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित वार्षिक लीगल कॉन्क्लेव 2025 में कहा कि भारत का इलेक्शन सिस्टम अब मर चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में वह साबित कर देंगे कि लोकसभा चुनाव में किस तरह धांधली हुई थी और कैसे यह संभव हुई। राहुल ने यह भी दावा किया कि अगर 10-15 सीटों पर धांधली नहीं होती, तो नरेंद्र मोदी आज भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते।

राजनाथ सिंह का जवाब- सबूत हैं तो तुरंत पेश करें
राहुल गांधी के ‘एटम बम’ वाले बयान का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “अगर आपके पास एटम बम है, तो उसे फोड़ दीजिए। लेकिन इतना ध्यान रखें कि आप सुरक्षित रहें।” राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भरोसा जताया।

चार बड़े आरोप: 2014 से ही चुनाव प्रक्रिया पर संदेह
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में चार गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें 2014 से ही भारतीय चुनावी प्रणाली पर शक था। भाजपा की बड़ी जीत को उन्होंने अस्वाभाविक बताया और कहा कि उस समय उनके पास सबूत नहीं थे, लेकिन अब उनके पास पुख्ता प्रमाण हैं। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए वोटर जुड़े, जिनमें से अधिकांश भाजपा को वोट करते दिखे।
संविधान रक्षक संस्थाएं भी हो गईं निष्क्रिय
राहुल गांधी ने कहा कि संविधान की रक्षा करने वाली संस्थाओं पर अब कब्जा कर लिया गया है। चुनाव आयोग जैसी संस्था निष्क्रिय हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग दस्तावेजों को स्कैन या कॉपी नहीं करने देता ताकि कोई जानकारी सामने न आ सके। उन्होंने सवाल किया कि वोटर लिस्ट पर कॉपी प्रोटेक्शन क्यों लगाया गया है।
कर्नाटक की सीट पर घोटाले का दावा, हर सीट पर शक
राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ही निर्वाचन क्षेत्र में हजारों नए वोटर, जिनकी उम्र 50-65 साल है, जोड़े गए जबकि 18+ उम्र के मतदाताओं को हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि हर सीट पर ऐसा ही कुछ चल रहा है।
बिहार में वोटर लिस्ट में कटौती, विपक्ष हमलावर
बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर निशाना साध रहा है। राहुल गांधी समेत तमाम विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले चरण के अनुसार, राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.89 करोड़ से घटकर 7.24 करोड़ रह गई है, यानी करीब 65 लाख नाम लिस्ट से हटाए गए हैं।
चुनाव आयोग का जवाब- हम निष्पक्ष हैं, आरोप निराधार
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह ऐसे निराधार आरोपों को गंभीरता से नहीं लेता। आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करें और गैरजिम्मेदार बयानों की परवाह न करें।










