Rahul Gandhi Ladakh: लद्दाख के लेह में हाल ही हुई पुलिस गोलीबारी और प्रदर्शनकारियों की मौत को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने लद्दाख के लोगों के साथ धोखा किया है। उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है।

राहुल गांधी ने अपने ट्विटर (X) अकाउंट पर त्सावांग थारचिन के पिता का एक दर्दभरा वीडियो साझा किया, जिनका बेटा कारगिल युद्ध में शामिल था और हाल की गोलीबारी में मारा गया। राहुल ने लिखा, “पिता की दर्द भरी आंखें एक सवाल पूछती हैं, क्या आज देश सेवा का यही इनाम है? हिंसा और भय की राजनीति बंद होनी चाहिए।”

लेह में हालात तनावपूर्ण, इंटरनेट सेवा 3 अक्टूबर तक बंद
गृह मंत्रालय ने लद्दाख के लेह जिले में मोबाइल इंटरनेट और सार्वजनिक वाई-फाई सेवाओं को 3 अक्टूबर तक पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक कर्फ्यू में थोड़ी ढील दी गई है, जिससे स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिली है।
लेह के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गुलाम मोहम्मद ने कर्फ्यू में ढील के दौरान आवश्यक दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और अधिकारियों ने कहा है कि जरूरत के अनुसार कर्फ्यू में ढील बढ़ाई या घटाई जा सकती है।
वांगचुक की गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारियों की मांगें
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत कई युवाओं को गिरफ्तार किया गया है। वे और अन्य स्थानीय संगठन लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने स्पष्ट कर दिया है कि तब तक केंद्र सरकार की उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी से बातचीत नहीं करेंगे जब तक न्यायिक जांच नहीं होती और गिरफ्तार युवाओं को रिहा नहीं किया जाता।
वहीं, लेह एपेक्स बॉडी (LAB) ने भी बातचीत से दूरी बनाए रखने का ऐलान किया है। 24 सितंबर को LAB द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान हुई हिंसा में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी जबकि 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और बातचीत का आश्वासन
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह LAB और KDA के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है और आशा जताई कि संवाद से सकारात्मक नतीजे निकलेंगे। इसके बावजूद, LAB और KDA ने फिलहाल बातचीत के लिए शर्तें रखी हैं जिनमें न्यायिक जांच और गिरफ्तारी में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई प्रमुख है।
स्थानीय सांसद की नाराजगी
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा ने कहा है कि लद्दाख के लोगों को राष्ट्र-विरोधी के तौर पर पेश करना सही नहीं है और इससे क्षेत्र में असंतोष और बढ़ रहा है।लेह में हालात अभी भी नाजुक हैं और वहां की जनता सुरक्षा व न्याय की मांग कर रही है। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं कि वह घटना की निष्पक्ष जांच कराए और शांतिपूर्ण समाधान निकाले।
गृह मंत्रालय के आदेश और स्थानीय प्रशासन के कड़े कदमों के बावजूद, इलाके में शांति बहाल करना चुनौती बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रतिनिधि किस प्रकार से इस तनावपूर्ण स्थिति का समाधान करते हैं।
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