PCB Mohsin Naqvi: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी एक बार फिर सुर्खियों में हैं – और इस बार वजह उनकी ‘तानाशाही’ जैसी कार्यशैली बताई जा रही है। ESPN क्रिकइन्फो की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के शीर्ष क्रिकेटरों को विदेशी टी20 लीग्स में खेलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसका सीधा असर बाबर आज़म, मोहम्मद रिज़वान और शाहीन अफरीदी जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर पड़ा है, जिन्होंने पहले ही कई लीगों के साथ डील साइन कर ली थी।

विदेशी लीग्स में खेलने पर रोक
PCB ने फिलहाल नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करना रोक दिया है, जिससे खिलाड़ी अब BBL (Big Bash League), ILT20 और अन्य विदेशी टूर्नामेंट्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। खास बात यह है कि 30 सितंबर को ILT20 ऑक्शन होने वाला है, जिसमें तीन पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगनी थी। लेकिन PCB के इस फैसले ने खिलाड़ियों की योजनाओं पर पानी फेर दिया है।

एशिया कप की हार बनी कारण?
सूत्रों के अनुसार, PCB ने यह फैसला एशिया कप 2023 फाइनल में भारत के हाथों 5 विकेट से मिली करारी हार के बाद लिया है। अंदरूनी हलकों में इसे टीम पर ‘डिसिप्लिन’ और ‘फोकस’ बनाए रखने की रणनीति बताया जा रहा है, जबकि आलोचकों का मानना है कि यह कदम खिलाड़ियों के साथ जबरदस्ती जैसा है।
बाबर, रिजवान और शाहीन पर भी असर
BBL के आगामी सीजन में बाबर आज़म पहले ही सिडनी सिक्सर्स से जुड़ चुके थे और मोहम्मद रिज़वान मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए खेलने वाले थे। इसके अलावा शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ, शादाब खान और हसन अली समेत कुल 7 पाकिस्तानी खिलाड़ी BBL ड्राफ्ट में शामिल किए गए थे। लेकिन अब PCB की रोक के कारण इनके खेलने पर संकट मंडरा रहा है।
PCB की नीति या तानाशाही?
PCB की सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी के तहत खिलाड़ी साल में अधिकतम दो विदेशी लीग्स में हिस्सा ले सकते हैं। लेकिन इस बार बोर्ड ने बिना स्पष्ट कारण बताए अचानक सभी NOC रोक दिए हैं। इससे क्रिकेट फैंस और खिलाड़ियों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है। गौरतलब है कि एशिया कप के दौरान भी मोहसिन नकवी विवादों में आए थे, जब फाइनल के बाद वह विजेता ट्रॉफी खुद लेकर चले गए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ‘ट्रॉफी चोर’ तक कहा गया था।
खिलाड़ी और फैंस में नाराजगी
बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ सोशल मीडिया पर #FreePakPlayers ट्रेंड कर रहा है। फैंस का कहना है कि खिलाड़ियों को विदेशी लीग्स में खेलने से रोकना उनके करियर और फॉर्म दोनों पर बुरा असर डाल सकता है। वहीं कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने भी PCB की इस नीतिगत तानाशाही पर सवाल उठाए हैं। मोहसिन नकवी के इस फैसले से PCB और खिलाड़ियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। जहां एक ओर बोर्ड टीम पर नियंत्रण और अनुशासन की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों और फैंस को यह कदम स्वतंत्रता में हस्तक्षेप जैसा लग रहा है। क्या आने वाले दिनों में इस विवाद का समाधान निकल पाएगा या पाकिस्तान क्रिकेट एक और अंदरूनी संकट की ओर बढ़ रहा है – यह देखना बाकी है।
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