Rahul Gandhi Attack : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद करीब 27 घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान अब पूरा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि पांच घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
भवन मालिक गिरफ्तार, MCD के पांच अधिकारी निलंबित
हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने भवन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लापरवाही के आरोप में दिल्ली नगर निगम यानी MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के कारणों और निर्माण से जुड़े नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है।
राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
सत्य निकेतन हादसे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकारों में हादसों को रोकने के लिए पहले से पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाते और दुर्घटना के बाद केवल बयानबाजी होती है। राहुल गांधी ने कहा कि अक्सर कुछ छोटे अधिकारियों पर जिम्मेदारी डाल दी जाती है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती।
दिल्ली हाईकोर्ट ने हादसे को बताया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
सत्य निकेतन इमारत गिरने के मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस त्रासदी की जिम्मेदारी केवल इमारत के मालिक तक सीमित नहीं है। अदालत ने दिल्ली नगर निगम और दिल्ली विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि संबंधित संस्थाओं को कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
जिम्मेदारियां निभाई जातीं तो टल सकता था हादसा
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि यदि संबंधित अथॉरिटीज को कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों की जानकारी होती और वे उनका सही तरीके से पालन करतीं, तो ऐसी घटनाओं को संभवतः रोका जा सकता था। अदालत की टिप्पणी के बाद निर्माण और सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अवैध निर्माण को लेकर PG मालिकों पर सख्त टिप्पणी
अदालत ने पेइंग गेस्ट यानी PG संचालकों की ओर से कथित अवैध निर्माण पर भी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में बिल्डिंग की केवल दो मंजिल बनाने की अनुमति होती है, लेकिन बाद में उसी नींव पर पांच या छह मंजिल तक निर्माण कर दिया जाता है। अदालत ने ऐसे निर्माण को बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया।
PG और हॉस्टल के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क जरूरी
हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली में PG और हॉस्टल को नियंत्रित करने के लिए उचित नियामक व्यवस्था यानी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क होना जरूरी है। अदालत ने MCD से पूछा कि क्या PG को लेकर फिलहाल कोई प्रभावी नियामक व्यवस्था मौजूद है। इस सवाल के जवाब में निगम को स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
एक सप्ताह में PG और हॉस्टल का ऑडिट करने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD को महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर दिल्ली में संचालित PG और हॉस्टल का ऑडिट करे। इस जांच में भवनों की स्थिति, निर्माण से जुड़े नियमों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही यह जानकारी भी जुटाई जाएगी कि इन PG और हॉस्टलों में कितने छात्र रह रहे हैं।
हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े किए गंभीर सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG, हॉस्टल और अन्य बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। सात लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटना ने निर्माण नियमों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली के PG और हॉस्टलों के ऑडिट से यह पता चल सकेगा कि कितनी इमारतें सुरक्षा और निर्माण मानकों का पालन कर रही हैं।
Read More : Ambikapur News : राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के चौड़ीकरण हेतु प्रभावित भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर अस्थायी प्रतिबंध