Rahul Gandhi Gen Z Protest: देशभर में नीट-यूजी (NEET-UG) छात्र आंदोलनों और सोशल मीडिया कंटेंट मॉडरेशन को लेकर इन दिनों राजनीतिक गलियारों में भारी सरगर्मी देखने को मिल रही है। इसके साथ ही इस मामले पर कानूनी कार्रवाई भी काफी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक तीखा पोस्ट शेयर करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधा है। राहुल गांधी ने अपने इस बयान के जरिए सरकार पर ‘Gen Z’ यानी देश की युवा पीढ़ी के दमन करने का गंभीर आरोप लगाया है।

यह राजनीतिक बयान ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आया है, जब हैदराबाद में प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और एआई (AI) निर्मित मॉर्फ्ड वीडियो प्रसारित किए जाने का मामला तूल पकड़ चुका है। इस प्रकरण में मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई अन्य फेसबुक व इंस्टाग्राम हैंडल के खिलाफ स्थानीय साइबर क्राइम पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

राहुल गांधी का ‘X’ पोस्ट और सरकार पर सीधा हमला
हैदराबाद में हुई एफआईआर और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, ‘पीएम मोदी और अमित शाह, आप Gen Z को डरा-धमकाकर कभी भी चुप नहीं करा सकते।’ उन्होंने आगे सरकार के पुराने रविक्यों पर सवाल उठाते हुए लिखा कि पहले सरकार ने युवाओं की आवाज दबाने के लिए उनकी हड्डियां तोड़ीं और अब उनके खिलाफ आधिकारिक एफआईआर दर्ज कर सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाया जा रहा है।
सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आप इस देश का बीता हुआ अतीत हैं, इसलिए भारत के उज्ज्वल भविष्य यानी युवाओं के साथ आप कैसा व्यवहार करते हैं, इसे लेकर आपको बेहद सावधान रहना चाहिए। राहुल के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां विपक्ष युवाओं के पक्ष में खुलकर खड़ा नजर आ रहा है।
हैदराबाद में मेटा इंडिया हेड और अन्य पर एफआईआर
तेलंगाना के भाजपा कार्यकर्ता टी. साईकिरण गौड़ और 29 वर्षीय व्यवसायी एस. अरविंद रेड्डी द्वारा दी गई अलग-अलग शिकायतों के आधार पर हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने यह बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के एक प्रदर्शन के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद अश्लील, अपमानजनक और भ्रामक मॉर्फ्ड या एआई-जनरेटेड कंटेंट प्रसारित करने का गंभीर आरोप है।
इसी सिलसिले में मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास समेत कई सोशल मीडिया हैंडल्स को आरोपी के रूप में नामित किया गया है। शिकायतकर्ताओं का मुख्य आरोप है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री की विकृत तस्वीरें और वीडियो अपलोड करके सार्वजनिक शालीनता को ठेस पहुंचाई गई है, समाज में नफरत भड़काने की कोशिश की गई है और देश की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का षड्यंत्र रचा गया है।
एआई-जनरेटेड सामग्री और अभद्र टिप्पणियां पुलिस के रडार पर
शिकायत मिलने के तुरंत बाद हैदराबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पुलिस के रडार पर मुख्य रूप से वे तमाम पोस्ट और उनके नीचे की गई अभद्र टिप्पणियां हैं, जिन्हें सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर फैलाया गया था। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार की गई उन सभी फर्जी और मॉर्फ्ड सामग्रियों की भी तकनीकी जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने के लिए किया गया था।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन आपत्तिजनक पोस्ट्स के पीछे आखिरकार कौन से छिपे हुए चेहरे और कौन सा बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। मेटा इंडिया के शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई होने से टेक जगत और सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है, जिससे आने वाले दिनों में ऑनलाइन कंटेंट मॉडरेशन के नियमों पर और अधिक सख्ती देखने को मिल सकती है।










