Rahul Gandhi on Gyanesh Kumar : मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कानूनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पूछा कि ज्ञानेश कुमार को आजीवन कानूनी सुरक्षा क्यों मिली हुई है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर राजनीतिक आरोप भी लगाए।
राहुल गांधी ने लगाए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि CEC ज्ञानेश कुमार को मिली कानूनी सुरक्षा के पीछे चुनावी प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी चुनावों में धांधली के लिए CEC का इस्तेमाल करते हैं। ये आरोप राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा ने पहले राहुल गांधी के दावों को निराधार बताते हुए उनका विरोध किया है।
14 आपत्तियों की रिपोर्ट से बढ़ा चुनाव आयोग पर विवाद
SIR विवाद के बीच ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट ने चुनाव आयोग के भीतर दर्ज असहमतियों को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 मौकों पर चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने, नाम बहाल करने और मतदाता डेटाबेस तथा SIR से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है।
चुनाव आयोग ने कहा, फैसलों में तीनों आयुक्तों की भूमिका
इन रिपोर्टों और विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने अपने कामकाज को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। आयोग का कहना है कि बहुसदस्यीय संस्था में विचार-विमर्श और मतभेद होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा है कि SIR से संबंधित फैसलों समेत उसके निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग ने कुछ मीडिया रिपोर्टों में उठाए गए मुद्दों को अलग संदर्भ का बताया है।
राहुल गांधी ने CEC के इस्तीफे की मांग दोहराई
राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के पद से हटने की मांग को भी दोहराया है। उनका कहना है कि ज्ञानेश कुमार को अंततः जाना होगा और आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस की ओर से SIR को तत्काल रोकने तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवादों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई जा रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जिम्मेदारी तय करने के साथ प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी रखी है।
खड़गे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई
इसी मुद्दे पर बुधवार को नई दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी चुनाव आयोग के कामकाज और EVM को लेकर विपक्ष का रुख दोहराया। खड़गे ने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और भविष्य में EVM की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग रखी। उन्होंने EVM को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों का उल्लेख करते हुए चुनावी व्यवस्था में लोगों का भरोसा और पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत बताई।
विपक्ष ने मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग रखी
INDIA गठबंधन की बैठक में खड़गे ने SIR से पहले तैयार मतदाता सूची के इस्तेमाल की मांग भी उठाई। इसके अलावा मतदाता सूची में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, नाम हटाने से पहले प्रभावी अपील का अवसर देने और प्रशासनिक गलतियों के कारण पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने से बचाने की मांग की गई। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान बनाने और चुनावी संस्थाओं में जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
SIR विवाद अब राजनीतिक आंदोलन का रूप ले रहा
SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्षी दलों का अभियान अब आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। INDIA गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर के बीच ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च और जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करने की योजना भी बना रहे हैं। ऐसे में SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची की पारदर्शिता, CEC की भूमिका और EVM बनाम बैलेट पेपर का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।
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