MPs March Election Commission : भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आज संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक इंडिया एलायंस के सांसदों का एक बड़ा पैदल मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च की अगुवाई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे। बताया जा रहा है कि इस मार्च में लगभग 300 सांसद हिस्सा लेंगे, जिनमें मल्लिकार्जुन खरगे, अभिषेक बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता भी शामिल होंगे।

वोट चोरी के आरोप को लेकर प्रदर्शन
कुछ दिनों पहले तक इंडिया गठबंधन SIR (सर्विस इंकम रिटर्न) मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन अब उनका फोकस चुनाव आयोग के खिलाफ वोट चोरी के आरोपों पर है। सांसद आज पैदल मार्च के माध्यम से चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचेंगे और वहां अपने आरोपों को लेकर विरोध जताएंगे।

मार्च का वक्त और मार्ग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मार्च सुबह साढ़े 11 बजे शुरू होगा। सांसद संसद भवन से चलकर सीधे चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाएंगे। यह मार्च लगभग दो से तीन किलोमीटर का पैदल मार्ग होगा, जो दिल्ली की सड़कों पर एक राजनीतिक प्रदर्शन की वजह से हलचल पैदा करेगा।
300 सांसद, 25 पार्टियां
इस मार्च में लगभग 25 पार्टियों के 300 सांसद शामिल होंगे। यह भारत की राजनीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस, RJD, TMC, DMK समेत कई क्षेत्रीय पार्टियों के बड़े नेता भी हिस्सा ले रहे हैं। मार्च के बाद सांसदों के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने डिनर का भी आयोजन किया है, जिसमें पार्टियों के और भी कई नेता शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली पुलिस को नहीं दी गई अनुमति
दिल्ली पुलिस को इस मार्च के आयोजन की जानकारी या अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने मार्च को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भाजपा सांसद की तीखी प्रतिक्रिया
इसी बीच भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने इस मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, कुछ लोग आंदोलन के शौकीन होते हैं और विरोध के बिना नहीं रह सकते। अगर उन्हें नाटक करना है तो वे करें।” सारंगी ने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग को बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी ऐसे मुद्दे को हवा दे रहे हैं जो वास्तव में मौजूद नहीं है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
भारत में चुनाव आयोग को लेकर यह आरोप-प्रत्यारोप राजनीतिक माहौल को और भी गर्मा रहे हैं। विपक्षी पार्टियां लगातार चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही हैं, जबकि सत्ताधारी दल इसे राजनीतिक नाटक बता रहा है।
आज का यह मार्च भारतीय लोकतंत्र की राजनीतिक गतिशीलता का एक और अहम अध्याय साबित होगा। जहां विपक्षी दल चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं सरकार इसे असमझदारी और राजनीतिक हंगामा बता रही है। संसद भवन से चुनाव आयोग तक पैदल मार्च में हजारों लोग शामिल होंगे और यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाओं का प्रमुख विषय बना रहेगा।











