INDIA Alliance Rift : आम चुनावों के बाद एकजुटता का दावा करने वाले विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर की अंदरूनी दरारें अब खुलकर सतह पर आने लगी हैं। गठबंधन के दो सबसे प्रमुख घटकों—कांग्रेस और वामपंथी (कम्युनिस्ट) दलों के बीच वैचारिक और राजनीतिक तनाव बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार विवाद के केंद्र में खुद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हैं, जिन्हें अपने ही सहयोगी दलों के तीखे राजनीतिक हमलों और आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस बड़े विवाद की मुख्य वजह राहुल गांधी द्वारा केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के सबसे कद्दावर नेता पिनराई विजयन को सार्वजनिक रूप से गले लगाने से साफ इनकार करना बनी है।
राहुल गांधी के लीक ऑडियो बयान से शुरू हुआ नया विवाद
इस पूरे सियासी बवंडर की शुरुआत बीती 8 जून को आयोजित हुई INDIA गठबंधन की एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक के दौरान हुई। इस बैठक से राहुल गांधी का एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें वह बेहद सख्त लहजे में अपनी बात रखते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि वह पिनराई विजयन को गले नहीं लगाएंगे क्योंकि केरल की धरती पर उनके साथ कांग्रेस की सीधी और तीखी राजनीतिक लड़ाई चल रही है। राहुल गांधी ने बैठक में कहा, ‘हमारे बीच राष्ट्रीय स्तर पर भले ही कुछ मुद्दों पर सहमति हो, लेकिन अगर सहयोगी दल मुझसे यह उम्मीद कर रहे हैं कि मैं केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के पास जाकर उन्हें गले लगाऊं, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकता और न ही कभी करूंगा।’
केरल की स्थानीय राजनीति में कांग्रेस और सीपीएम की पुरानी दुश्मनी
दरअसल, इस विवाद की जड़ें केरल राज्य की स्थानीय राजनीति से जुड़ी हुई हैं, जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ (UDF) और सीपीएम के नेतृत्व वाला एलडीएफ (LDF) दशकों से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं। हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों के तहत कांग्रेस ने केरल में पिनराई विजयन की सरकार को कड़े मुकाबले में सत्ता से बाहर कर दिया था। हालांकि, विरोधाभास यह है कि राज्य स्तर पर कट्टर दुश्मन होने के बावजूद, राष्ट्रीय स्तर पर दोनों ही दल भाजपा (BJP) के खिलाफ बने INDIA गठबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिसके कारण उनके कार्यकर्ताओं में अक्सर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।
पिनराई विजयन का पलटवार: ‘हमारे बीच कभी गले मिलने की परंपरा नहीं रही’
राहुल गांधी के इस आक्रामक बयान पर अब खुद केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विजयन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके और राहुल गांधी के बीच कभी भी एक-दूसरे को गले लगाने की कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक परंपरा नहीं रही है। आम तौर पर जब भी दोनों नेताओं की मुलाकात होती है, तो वे केवल औपचारिक रूप से एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं या हाथ मिलाते हैं। विजयन ने आगे कहा, ‘मेरा विरोध इस बात को लेकर नहीं है कि कोई मुझे गले लगा रहा है या नहीं, बल्कि मेरी असली चिंता उस गलत राजनीतिक संदेश को लेकर है जो राहुल गांधी के इस बचकाने बयान से देश की जनता के बीच जाता है।’
वामपंथी दिग्गजों ने गठबंधन की विश्वसनीयता पर उठाए गंभीर सवाल
राहुल गांधी के इस रुख से नाराज सीपीएम के तमाम शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीपीएम के महासचिव और पूर्व सांसद एम.ए. बेबी ने तंज कसते हुए कहा कि वामपंथ के किसी भी नेता ने राहुल गांधी से विजयन को जबरन गले लगाने की भीख नहीं मांगी थी, लेकिन राहुल गांधी को कम से कम केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बंद कर विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना तो छोड़ देना चाहिए। वहीं, सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने इसे गठबंधन के अस्तित्व से जोड़ते हुए कहा कि यह मुद्दा किसी दो व्यक्तियों के गले मिलने का नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर INDIA गठबंधन की सामूहिक राजनीति, एकजुटता और उसकी साख पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
वृंदा करात का तीखा हमला: ‘अपने गले मिलने की राजनीति अपने पास रखें’
सीपीएम की पोलित ब्यूरो सदस्य और वरिष्ठ महिला नेता वृंदा करात ने राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा, ‘हम कम्युनिस्टों को अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसी के गले मिलने या झूठे दिखावे की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। वामपंथ को गले लगाने वाली ढोंगी राजनीति नहीं, बल्कि देश के मुद्दों पर एक स्पष्ट और ईमानदार राजनीतिक सोच चाहिए। राहुल गांधी अपनी इस गले लगाने वाली राजनीति को अपने पास ही सीमित रखें, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि देश का नेता प्रतिपक्ष होने के नाते पिनराई विजयन जैसे वरिष्ठ और सम्मानित विपक्षी नेताओं का सम्मान करना उनका संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य है।’
भाजपा का तंज: ‘यह सिर्फ फोटो खिंचवाने वाला सुविधा का गठबंधन है’
विपक्षी कुनबे में मचे इस घमासान को देखकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी कांग्रेस और पूरे INDIA गठबंधन पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस विवाद पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह तथाकथित गठबंधन देश के विकास के लिए नहीं, बल्कि केवल अपनी राजनीतिक सुविधा के लिए बनाया गया एक स्वार्थी ताना-बाना है। पूनावाला ने कहा, ‘इस गठबंधन के भीतर केवल आंतरिक विभाजन और आपसी नफरत है, देश के लिए कोई साझा मिशन नहीं है। यह गठबंधन केवल कागजों पर और मीडिया के सामने जिंदा है, जमीनी स्तर पर इनके कार्यकर्ताओं के दिल आपस में कभी नहीं मिल सकते।’
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