Savarkar Rahul Row : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को पुणे की एक अदालत में बयान देते हुए दावा किया कि उन्हें अपनी जान को खतरा है। यह खतरा उन्होंने वीर सावरकर मानहानि केस को लेकर जताया। उन्होंने कोर्ट से प्रिवेंटिव प्रोटेक्शन (रक्षात्मक सुरक्षा) की मांग की है और कहा कि केस की निष्पक्ष सुनवाई के लिए यह जरूरी है। राहुल गांधी ने कहा, “मेरे खिलाफ जो मानहानि की शिकायत की गई है, वह नाथूराम गोडसे के वंशज द्वारा दर्ज की गई है। मुझे डर है कि राजनीतिक द्वेष के चलते मेरी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सकता है या मुझे फंसाया जा सकता है।”

राजनीतिक बयान और खतरे की आशंका
राहुल गांधी ने अदालत में यह भी कहा कि उन्होंने हाल ही में संसद में “वोट चोर कुर्सी छोड़” का नारा दिया था और चुनावी गड़बड़ियों के दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिससे राजनीतिक विरोधियों में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी की हत्या एक साजिश थी, और मैं उन मूल्यों की रक्षा करता हूँ जिनके लिए वे खड़े थे।” उन्होंने यह भी दोहराया कि “सच्चा हिंदू नफरत नहीं फैलाता, हिंसा नहीं करता”, जिसे लेकर बीजेपी ने उन पर हिंदू समुदाय के अपमान का आरोप लगाया।

सावरकर पर टिप्पणी से विवाद
राहुल गांधी ने मार्च 2023 में लंदन में एक भाषण में दावा किया था कि वीडी सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी, जिससे उन्हें खुशी हुई थी। इसी बयान के आधार पर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया।
3 जुलाई को पुणे की एमपी/एमएलए कोर्ट ने सत्यकी की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें राहुल गांधी से उस पुस्तक को पेश करने की बात कही गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को किताब पेश करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
अतीत में भी विवादास्पद बयान
राहुल गांधी ने नवंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी वीर सावरकर पर हमला बोला था। उन्होंने एक चिट्ठी का हवाला देते हुए कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों से माफी मांगी और खुद को “नौकर” बताया, जबकि गांधी, नेहरू और पटेल ने कभी ऐसा नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी
26 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए कहा था कि “स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में गैर-जिम्मेदाराना बयान” स्वीकार नहीं किए जाएंगे। कोर्ट ने चेताया था कि भविष्य में इस तरह की टिप्पणी पर स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी।
अगली सुनवाई 10 सितंबर को
पुणे कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को करेगी। राहुल गांधी की सुरक्षा, राजनीति और बयानबाज़ी के बीच यह मामला अब राष्ट्रीय राजनीति का अहम मुद्दा बनता जा रहा है।










