Rahul Gandhi security: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी को लेकर बुधवार को पुणे की अदालत में उनके वकील मिलिंद पवार ने एक याचिका दायर की। लेकिन कुछ ही घंटों में यह मामला अचानक वापस ले लिया गया। कांग्रेस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी को “मौत का कोई डर नहीं” है और यह याचिका उनके वकील ने बिना उनकी सलाह के दाखिल की थी।

क्या था आरोप?
मिलिंद पवार द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि दो भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी को धमकी दी है। आरोप के अनुसार, इन सांसदों ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सावरकर पर दिए गए भाषण का हवाला देते हुए कहा कि राहुल गांधी का अंजाम इंदिरा गांधी जैसा किया जाएगा। याचिका में यह भी दावा किया गया कि संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हिंदुत्व के मुद्दे पर हुई बहस के दौरान राहुल को “सबसे बड़ा आतंकवादी” तक कहा गया। वकील ने कहा कि राहुल पिछले 15 दिनों से चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध का नेतृत्व कर रहे थे, जिसके कारण भी यह खतरा बढ़ा।

अचानक वापसी क्यों?
रात होते-होते मामला पूरी तरह पलट गया। कांग्रेस की प्रचार प्रमुख और महिला कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि याचिका राहुल गांधी की जानकारी या सहमति के बिना दायर की गई थी।उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को मौत का डर नहीं है। वकील ने व्यक्तिगत रूप से निर्णय लेकर केस दायर किया था, जिसे राहुल गांधी ने स्वीकार नहीं किया।”
राहुल ने जताई आपत्ति
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने याचिका में इस्तेमाल की गई सख्त भाषा, विशेषकर सावरकर को लेकर किए गए उल्लेख पर आपत्ति जताई। माना जा रहा है कि सावरकर का नाम और विवादित भाषा महाराष्ट्र जैसे संवेदनशील राज्य में राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकती थी। यही वजह रही कि राहुल गांधी ने केस वापस लेने का फैसला लिया।
वकील ने वापस ली याचिका
इसके बाद मिलिंद पवार ने अदालत में केस वापस लेने की अर्जी दायर की। उन्होंने भी माना कि यह याचिका राहुल गांधी से सलाह किए बिना दर्ज कराई गई थी। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर मचाई, लेकिन कांग्रेस ने तत्काल सफाई देकर स्थिति को संभाल लिया। राहुल गांधी ने एक बार फिर यह जताने की कोशिश की है कि वह धमकियों से डरने वाले नेता नहीं हैं। वहीं, याचिका में सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों से बचकर कांग्रेस ने महाराष्ट्र में संभावित नुकसान को भी टालने की कोशिश की है।










