Rahul Gandhi SC Petition : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सोमवार को चुनाव आयोग से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी INDIA गठबंधन दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर अपनी मांग उठा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, याचिका में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाताओं के नाम हटाए जाने से संबंधित मुद्दे भी उठाए गए हैं।
राहुल गांधी के साथ कई विपक्षी नेता सह-याचिकाकर्ता
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस याचिका में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, डी. राजा और सुप्रिया सुले समेत अन्य विपक्षी नेताओं को भी सह-याचिकाकर्ता बताया गया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गंभीर सवाल उठते हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए। हालांकि, याचिका में शामिल सभी मांगों और प्रत्येक सह-याचिकाकर्ता की भूमिका की पुष्टि के लिए अदालत में दाखिल दस्तावेजों का पूरा विवरण देखना जरूरी है। किसी याचिका में आरोप लगाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने उन्हें सही मान लिया है।
शाम 4:30 बजे तक थी व्यक्तिगत फाइलिंग की समयसीमा
राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल करने के लिए निर्धारित समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अदालत परिसर में प्रत्यक्ष रूप से याचिका दाखिल करने के लिए शाम 4:30 बजे तक का समय निर्धारित था। टीम ने समयसीमा के बाद भी व्यक्तिगत रूप से दस्तावेज जमा करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद याचिका दाखिल किए जाने की खबर सामने आई। हालांकि, अतिरिक्त समय मांगने के पीछे टीम की ओर से विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
ई-फाइलिंग से भी दाखिल की जा सकती है याचिका
सुप्रीम कोर्ट में मुकदमे और याचिकाएं दाखिल करने के लिए ऑनलाइन ई-फाइलिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके माध्यम से वकील और पात्र पक्षकार इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेज जमा कर सकते हैं। प्रत्यक्ष फाइलिंग और ई-फाइलिंग की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है, इसलिए किसी विशेष मामले में समयसीमा और जरूरी औपचारिकताओं की पुष्टि अदालत के नियमों तथा रजिस्ट्री के निर्देशों से की जानी चाहिए। इस मामले में व्यक्तिगत रूप से याचिका दाखिल करने की अनुमति मांगने का कारण स्पष्ट नहीं होने के कारण किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
CJI से मुलाकात नहीं होने के बाद अपनाया कानूनी रास्ता
इससे पहले राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था। संबंधित रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने यह कहते हुए मुलाकात से इनकार किया कि उठाए गए मुद्दे पहले से अदालत के विचाराधीन हैं। उन्होंने नेताओं को प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन देने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने का रास्ता अपनाने की सलाह दी। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और याचिका दाखिल करने का फैसला किया।
अब याचिका की मांगों और सुनवाई पर नजर
याचिका दाखिल होने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि उसमें किन विशिष्ट राहतों की मांग की गई है और सुप्रीम कोर्ट मामले पर कब सुनवाई करता है। रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े कुछ संबंधित मामले मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। हालांकि, राहुल गांधी की याचिका की सुनवाई का समय और उसे अन्य मामलों के साथ सुने जाने की स्थिति अदालत की आधिकारिक सूची से ही स्पष्ट होगी। फिलहाल याचिका दाखिल होना कानूनी प्रक्रिया का एक चरण है, न कि किसी आरोप पर अदालत का अंतिम फैसला।
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