Ladakh Violence: लद्दाख में जारी अशांति और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर लद्दाख की संस्कृति और परंपराओं पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को फिर से दोहराया।

राहुल गांधी का तीखा हमला
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा “लद्दाख के अद्भुत लोगों, संस्कृति और परंपराओं पर BJP-RSS की ओर से हमला हो रहा है। लद्दाख की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने कहा “लद्दाख के लोगों ने जब लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखीं, तो सरकार ने जवाब हिंसा से दिया चार युवाओं की हत्या हुई और सोनम वांगचुक जैसे शांतिप्रिय कार्यकर्ता को जेल में डाल दिया गया। यह तानाशाही नहीं चलेगी।”

लेह में हिंसा और कर्फ्यू
गौरतलब है कि 25 सितंबर को लेह में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसमें सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 4 लोगों की मौत और 90 से ज्यादा घायल हो गए। यह प्रदर्शन ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (LAB) द्वारा आयोजित बंद के दौरान हुआ, जो लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रही है। प्रशासन ने इसके बाद पूरे लेह जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया है, जो रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा।
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर विवाद
लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया। उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल में भेज दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए” उठाया गया है, लेकिन विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं।
इंटरनेट बंद, प्रेस कांफ्रेंस से पहले हिरासत
रिपोर्ट्स के अनुसार, वांगचुक को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। लेह में दोपहर ढाई बजे होने वाली प्रेस वार्ता से पहले ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं, जिससे लोगों को जरूरी जानकारी और संवाद में मुश्किलें आ रही हैं।
विपक्ष की एकजुटता और अगला कदम
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा “हत्या बंद करो, हिंसा बंद करो, धमकी देना बंद करो। लद्दाख को आवाज दो, उन्हें छठी अनुसूची दो। कांग्रेस के अलावा अन्य विपक्षी दलों ने भी वांगचुक की गिरफ्तारी की निंदा की है और केंद्र से जन भावनाओं का सम्मान करने की अपील की है।
लद्दाख में जारी अशांति और सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। राहुल गांधी के बयान से साफ है कि कांग्रेस इसे एक बड़ा मुद्दा बनाएगी। वहीं, लद्दाख के लोगों की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग और राज्य का दर्जा अब राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुकी है।
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