Rahul Gandhi Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं। प्रदर्शन लगातार जारी है और हाल ही में प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। घटनाक्रम के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठा रहा है और सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राजधानी के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष से की मुलाकात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े मुद्दों और पेपर लीक के विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी। राहुल गांधी का कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए ताकि सभी पक्ष अपनी बात रख सकें। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना आवश्यक है।

घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे आरएमएल अस्पताल
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद राहुल गांधी अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों नेताओं ने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल पूछा तथा डॉक्टरों से उनके इलाज की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। कांग्रेस नेताओं ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
सरकार पर साधा राजनीतिक निशाना
अस्पताल से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में गंभीर चिंताएं हैं और छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए। उनके अनुसार शिक्षा से जुड़े मुद्दे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़े विषय हैं।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और युवाओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, तो सरकार को उनके मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है ताकि छात्रों का भरोसा मजबूत बना रहे।
इस्तीफे की मांग दोहराई
राहुल गांधी ने अपने बयान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री से भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की। राहुल गांधी का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा करनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर गलती हुई है तो उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
घटनाक्रम पर जारी है राजनीतिक बहस
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस लगातार तेज होती जा रही है। विपक्ष संसद और सार्वजनिक मंचों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के आंदोलन और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्नों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर और अधिक चर्चा होने की संभावना है।
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