Raigarh Achievement
Raigarh Achievement : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। शहर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को अंतरराष्ट्रीय मानक संगठन द्वारा ISO प्रमाणित किया गया है, जिससे यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है। रायगढ़ नगर निगम द्वारा संचालित इन प्लांटों की कार्यप्रणाली अब वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप मानी जाएगी।
रायगढ़ नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 25 MLD और 7 MLD क्षमता वाले दोनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अब आधिकारिक तौर पर ISO 9001:2015 (क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम) से प्रमाणित हो गए हैं। यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करता है कि इन प्लांटों में जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन की पूरी प्रणाली—जिसमें गंदे पानी का संग्रहण, उसका वैज्ञानिक उपचार (ट्रीटमेंट) और सुरक्षित निस्तारण शामिल है—पूरी तरह से प्रभावी और सुरक्षित है। अंतरराष्ट्रीय टीम ने जांच में पाया कि यहां की व्यवस्था गुणवत्ता के कड़े मानकों पर खरी उतरी है।
यह महत्वपूर्ण प्रमाण पत्र रायगढ़ के दो अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित प्लांटों को दिया गया है। पहला टीवी टावर क्षेत्र (बड़े अतरमुड़ा) स्थित 7 MLD क्षमता वाला प्लांट है और दूसरा बांझीनपाली स्थित 25 MLD क्षमता वाला बड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट है। इन दोनों ही केंद्रों पर जल शोधन की तकनीकी प्रक्रियाओं को बेहद आधुनिक तरीके से संचालित किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय के नेतृत्व में एसटीपी के संचालन, नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी रखरखाव पर विशेष जोर दिया गया, जिसका परिणाम इस प्रमाण पत्र के रूप में सामने आया है।
आईएसओ प्रमाणन की प्रक्रिया पिछले कुछ महीनों से चल रही थी। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए करीब दो माह पहले आवेदन किया गया था। प्रक्रिया के अंतिम चरण में, एक माह पहले दिल्ली से विशेषज्ञों की एक विशेष ऑडिट टीम रायगढ़ पहुंची थी। इस टीम ने दोनों प्लांटों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट की विभिन्न स्टेज पर पानी के सैंपल लिए और यह जांचा कि उपचार के बाद निकलने वाला पानी पर्यावरण के लिए कितना सुरक्षित है।
निरीक्षण के दौरान ऑडिट टीम ने न केवल तकनीकी मशीनों की कार्यक्षमता देखी, बल्कि वहां के प्रबंधन और रिकॉर्ड कीपिंग की भी जांच की। पानी के नमूनों की लैब टेस्टिंग में सभी पैरामीटर्स मानकों के अनुरूप पाए गए। टीम ने नगर निगम द्वारा अपनाई गई अपशिष्ट जल प्रबंधन की संपूर्ण प्रणाली को प्रभावी और पर्यावरण अनुकूल माना। इसी सकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर रायगढ़ नगर निगम को आधिकारिक रूप से आईएसओ प्रमाण पत्र जारी किया गया है।
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए नगर निगम प्रशासन ने इसे शहरवासियों के लिए गर्व का विषय बताया है। इस प्रमाणन से अब रायगढ़ में जल प्रदूषण को रोकने और शोधित जल के पुन: उपयोग की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक विश्वसनीयता मिली है। यह मॉडल अब छत्तीसगढ़ के अन्य नगर निगमों के लिए भी एक प्रेरणा के रूप में कार्य करेगा, जिससे प्रदेश के अन्य शहरों में भी अपशिष्ट जल प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार होगा।रायगढ़ ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर विजन और तकनीकी अनुशासन के साथ सरकारी निकाय भी अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्राप्त कर सकते हैं। यह न केवल शहर की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार करेगा, बल्कि पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी शासन का एक बेहतरीन उदाहरण भी पेश करेगा।
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