Raigarh DMF controversy: छत्तीसगढ़ में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) की राशि के उपयोग को लेकर राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने रायगढ़ के प्रभारी मंत्री राम विचार नेताम को पत्र लिखकर जोरदार मांग की है कि DMF की राशि का उपयोग केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों में ही किया जाए। रवि भगत का आरोप है कि रायगढ़ जिले में DMF की राशि सही तरीके से खर्च नहीं हो रही है और इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों को वह लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके वे हकदार हैं।

रवि भगत का पत्र और मांगें
रवि भगत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की नीति एवं छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के फैसलों के अनुरूप ही DMF की राशि का उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी तक रायगढ़ में DMF समिति का गठन नहीं किया गया है, जो खनन प्रभावित इलाकों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए जरूरी है। इसके अभाव में यह राशि सही दिशा में खर्च नहीं हो पा रही है। उन्होंने जल्द समिति गठन करने और राशि के उचित उपयोग की भी मांग की है।

विधायक रवि भगत का वीडियो वायरल और पार्टी की प्रतिक्रिया
हाल ही में रवि भगत ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में गीत के माध्यम से सरकार से DMF की राशि गांवों तक पहुंचाने की गुहार लगाई थी। वीडियो में उन्होंने कहा:
“DMF के पैसा ला दे दो सरकार, उजड़ गे हमर गांव, गली खेत-खार। कंपनी अउ शहर सब्बो झन आगे बढ़ गे, गांव ह पिछड़ गे। क्षेत्र हा झेलत हे कंपनी-खदान के मार। न्याय करो साहेब, हे कर्णधार, DMF के पैसा ला दे दो सरकार।”
इस वीडियो के बाद भाजपा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया और कुछ समय बाद उनकी जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की गई। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि रवि भगत को सच्चाई बोलने की कीमत चुकानी पड़ी।
PCC अध्यक्ष दीपक बैज का बयान
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले पर कहा है कि यदि रवि भगत सही मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं, तो फिर उनके खिलाफ नोटिस जारी करना और पद से हटाना क्यों आवश्यक था। उन्होंने सरकार से पूछा है कि DMF राशि के उपयोग को लेकर अब तक क्या कार्रवाई हुई है और जनता को उनके अधिकार कैसे मिलेंगे। बैज ने कहा कि सरकार में “बंदरबांट” चल रहा है, जिसके कारण खनन प्रभावित इलाकों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
DMF का महत्व और खनन प्रभावित क्षेत्र
जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) की राशि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए फंड उपलब्ध कराना है। यह राशि स्थानीय समुदायों के लिए स्कूल, अस्पताल, सड़क, जल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में खर्च की जाती है। छत्तीसगढ़ के खनन क्षेत्रों में यह राशि स्थानीय जनता के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन सही निगरानी और पारदर्शिता के बिना इसका लाभ सीमित रह जाता है।
रायगढ़ में DMF राशि के सही उपयोग को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक सरगर्मी का विषय बन गया है। पूर्व भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत की मांगें और सरकार की प्रतिक्रिया से यह साफ है कि इस मामले में पारदर्शिता और उचित कार्रवाई की सख्त जरूरत है। खनन प्रभावित इलाकों के विकास और स्थानीय जनता को राहत देने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग सभी राजनीतिक दल कर रहे हैं।










