Congress Protest
Congress Protest : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर सियासत गरमा गई है। शहर में लगातार हो रही लूट, हत्या, बलात्कार और चोरी जैसी संगीन वारदातों के विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने टिकरापारा थाने का घेराव करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने प्रदर्शन के दौरान टिकरापारा क्षेत्र में हुई युवक अजय अग्रवाल की नृशंस हत्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। मेनन ने आरोप लगाया कि मृतक और आरोपी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले से थी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप किया होता और शिकायत पर ठोस कार्रवाई की होती, तो आज एक युवक की जान नहीं जाती। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी में पैर पसारते नशे के अवैध कारोबार को अपराधों की मुख्य वजह बताया। नेताओं का कहना था कि शहर की गलियों में अवैध शराब और सिंथेटिक ड्रग्स की सुलभ उपलब्धता ने युवाओं को अपराध की ओर धकेला है। नशे की गिरफ्त में आकर युवा चेन स्नेचिंग, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि जब तक नशे के सौदागरों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक शहर में शांति बहाली संभव नहीं है।
थाने के घेराव के दौरान कांग्रेस ने युवती कंचन साहू की गुमशुदगी के मामले में पुलिस की सुस्ती पर भी नाराजगी जाहिर की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि राजधानी में अब महिलाएं और बेटियां सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। आए दिन हो रही छेड़छाड़, मोबाइल लूट और चेन स्नेचिंग की घटनाओं ने आम नागरिकों में दहशत पैदा कर दी है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि रिहायशी इलाकों में रात्रि गश्त (नाइट पेट्रोलिंग) को बढ़ाया जाए और संदिग्धों की सघन चेकिंग की जाए ताकि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ पैदा हो सके।
कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवस्था तो बदल दी, लेकिन थानों को पर्याप्त संसाधन और मैनपावर उपलब्ध नहीं कराया। थानों में सब-इंस्पेक्टर, हवलदार और सिपाहियों के सैकड़ों पद रिक्त पड़े हैं। नई भर्तियों में हो रही देरी के कारण मौजूदा स्टाफ पर काम का भारी दबाव है, जिसका सीधा असर अपराध नियंत्रण पर पड़ रहा है। नेताओं ने मांग की कि कागजी बदलाव के बजाय जमीन पर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए तत्काल रिक्त पदों को भरा जाए।
लगभग तीन घंटे तक चले इस हंगामेदार प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नवनीत पाटिल मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों से चर्चा की और अजय अग्रवाल हत्याकांड सहित अन्य शिकायतों की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। एएसपी ने आश्वासन दिया कि टिकरापारा और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोलिंग की गाड़ियां बढ़ाई जाएंगी और बीट पुलिसिंग को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कांग्रेस ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि पखवाड़े भर में स्थिति नहीं सुधरी, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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