Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच बढ़ती नजदीकियों ने कांग्रेस के सामने असमंजस की स्थिति खड़ी कर दी है। एक हफ्ते में दूसरी बार राज ठाकरे पूरे परिवार के साथ मातोश्री पहुंचे, जिससे इन कयासों को और बल मिला कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के बीच गठबंधन लगभग तय है।

बदला-बदला नजर आ रहा है राज ठाकरे का रुख
अब तक कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों से असहमति रखने वाले राज ठाकरे अब नरम होते दिख रहे हैं। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राऊत ने हाल ही में बड़ा बयान देते हुए कहा कि राज ठाकरे खुद चाहते हैं कि कांग्रेस महाविकास आघाड़ी (MVA) में बनी रहे, यानी वे अब MVA में कांग्रेस के साथ जुड़ने को तैयार हैं। जबकि पहले MNS प्रमुख ने कांग्रेस की मौजूदगी के चलते ही MVA से दूरी बनाई थी।

कांग्रेस की रणनीति: ‘वेट एंड वॉच’
इस नई राजनीतिक परिस्थिति ने कांग्रेस को दोराहे पर खड़ा कर दिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का कहना है कि राज ठाकरे की भूमिका पर तभी चर्चा होगी जब वे खुले तौर पर उद्धव ठाकरे के साथ खड़े नजर आएंगे। कांग्रेस फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर चल रही है।
क्या राज ठाकरे MVA में शामिल होकर हिंदुत्व का साथ छोड़ देंगे? pic.twitter.com/dVv1S6p1N6
— जागो महाराष्ट्र (@JaagoMharashtr) October 13, 2025
14 अक्टूबर को अहम मुलाकात
14 अक्टूबर को महाविकास आघाड़ी के नेता महाराष्ट्र चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेंगे और इस बैठक में राज ठाकरे की संभावित मौजूदगी MVA में उनके शामिल होने की दिशा में बड़ा संकेत मानी जा रही है।
कांग्रेस की चिंता: उत्तर भारत में असर?
हालांकि राज ठाकरे की एमएनएस का जनाधार सीमित है, लेकिन उनके पुराने बयानों और उत्तर भारतीयों के खिलाफ तेवरों के चलते कांग्रेस को उत्तर भारत खासकर यूपी-बिहार के वोट बैंक को लेकर चिंता है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या कांग्रेस MNS को साथ लेकर जोखिम उठाएगी?
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की लगातार हो रही मुलाकातों से साफ है कि महाराष्ट्र की सियासत में नया समीकरण बन रहा है। अगर राज ठाकरे वाकई कांग्रेस के साथ कदम मिलाने को तैयार हैं, तो महाविकास आघाड़ी का चेहरा बदल सकता है। लेकिन कांग्रेस के लिए यह फैसला आसान नहीं होगा। आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट होगी कि क्या यह नजदीकियां चुनावी गठबंधन में बदलेंगी या सियासी समीकरण फिर से उलझेंगे।
Read More : Putin Affairs Book: पुतिन की सीक्रेट लाइफ पर नई किताब में सनसनीखेज खुलासे











