Kharge Controversy : बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक विवादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक राजनीतिक नेता की जिम्मेदारी है। किसी भी नेता को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखते हुए बयान देना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियां लोकतांत्रिक राजनीति के लिए उचित नहीं हैं और इससे देशवासियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने खरगे से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

सार्वजनिक जीवन में संयम और मर्यादा जरूरी: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि खरगे जैसे वरिष्ठ नेता से गंभीरता, संयम और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उनके अनुसार, देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष की ओर से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विचारधारात्मक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन असहमति को व्यक्तिगत अपमान में बदलना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति में गिरावट दिखाई दे रही है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि जनता नेताओं के बयानों और व्यवहार पर नजर रखती है और समय आने पर अपना जवाब देती है।

कांग्रेस पर व्यक्तिगत टिप्पणी की राजनीति करने का आरोप
राजनाथ सिंह ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी दिवंगत माता को लेकर विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब इस तरह की राजनीति पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचती दिखाई दे रही है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, राजनीतिक विरोध का आधार नीतियां, विचार और जनहित के मुद्दे होने चाहिए, न कि किसी नेता के परिवार को निशाना बनाना। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की हताशा और वैचारिक कमजोरी से जोड़ते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।
पटना में श्रीकृष्ण सिंह जयंती कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद पटना में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान चुनाव और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बीच दर्शक दीर्घा से एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि जब तक देश में गदर नहीं होगा, तब तक मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग की है।
अनुराग ठाकुर समेत भाजपा नेताओं ने साधा निशाना
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने इसे कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन का संकेत बताते हुए देश और प्रधानमंत्री से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। भाजपा के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी असफलताओं के बाद कांग्रेस व्यक्तिगत आरोपों की राजनीति कर रही है। हालांकि, इस विवाद पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

बयानबाजी के बीच बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
खरगे की कथित टिप्पणी ने एक बार फिर राजनीतिक विमर्श में भाषा और मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। भाजपा इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सम्मान से जोड़कर उठा रही है, जबकि विवाद का केंद्र सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयान और उसकी राजनीतिक जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष इस मामले में कोई स्पष्टीकरण देते हैं या माफी मांगते हैं। फिलहाल, इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है।

