Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के चर्चित मामले में जांच एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्थानीय अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है। हालांकि, विवेचक और अयोध्या के सीओ आशुतोष त्रिपाठी ने पूछताछ के लिए 48 घंटे की रिमांड की मांग की थी, लेकिन विस्तृत बहस के बाद अदालत ने 24 घंटे की अवधि तय की।

यह रिमांड अवधि पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अब तक पकड़े गए आठ आरोपियों में से अविनाश शुक्ला के पास से ही सबसे बड़ी बरामदगी हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से 20 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर और कई कीमती आभूषण जब्त किए गए हैं। अब पुलिस की टीम उससे गहन पूछताछ कर चोरी की पूरी रकम, अन्य संभावित ठिकानों और इस अपराध में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन: ट्रस्ट पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग
एक तरफ जहां पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने गुरुवार, 2 जुलाई को एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। अधिवक्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने बताया कि वकीलों ने यह मार्च अदालत परिसर से श्रीराम जन्मभूमि थाने तक निकाला। वकीलों का मुख्य आरोप है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें ट्रस्ट से जुड़े प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की भी गहन पड़ताल आवश्यक है।
पुलिस प्रशासन का आश्वासन और वकीलों की सख्त चेतावनी
विरोध प्रदर्शन के दौरान थाने में वकीलों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। वकीलों ने आरोप लगाया कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान उन्हें चोटें भी आईं। थाने में जमा हुए अधिवक्ताओं ने मांग की कि उन्हें उनकी शिकायत की पावती तत्काल दी जाए। कालिका प्रसाद मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस इस मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं करती है और शिकायत की कॉपी नहीं देती है, तो बार एसोसिएशन का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने वकीलों को शांत कराने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि वे प्राप्त शिकायत की विधिवत जांच करेंगे और कानून के अनुसार जो भी उचित कार्रवाई होगी, वह सुनिश्चित की जाएगी। अब सबकी निगाहें श्रीराम जन्मभूमि थाना पुलिस पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील मामले में ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
Read More : Gauhati High Court का बड़ा फैसला, नागरिकता साबित करने में 16 दस्तावेज नाकाम साबित











