Ramdas Athawale : केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रमुख रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। जयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, क्योंकि उनके अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने कोई गलती नहीं की है। अठावले ने विपक्ष के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन गलत मुद्दे पर आंदोलन करने से कोई फायदा नहीं होता। उनके इस बयान से चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक विवाद फिर चर्चा में आ गया है।
राहुल गांधी को विदेश में आंदोलन करने की सलाह
रामदास अठावले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें विदेश में जाकर आंदोलन शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके लिए मुद्दा सही होना चाहिए। अठावले के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने की संभावना नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने कोई गलती नहीं की है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कांग्रेस और विपक्षी दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
एसआईआर को लेकर विपक्ष पर लगाया टाइमपास का आरोप
आरपीआई प्रमुख ने कहा कि एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की मांग पहले विपक्ष की ओर से ही की गई थी। उनके अनुसार, चुनाव व्यवस्था को बेहतर बनाने और मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया शुरू की गई। अठावले ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को टाइमपास करार दिया और कहा कि आंदोलन से वास्तविक समाधान निकलना चाहिए। हालांकि, एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियां अलग हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाला इंडिया गठबंधन आरोप लगा रहा है कि इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और इससे चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। ये आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं और इनका आकलन आधिकारिक आंकड़ों तथा संबंधित तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर भी कसा तंज
राहुल गांधी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि कांग्रेस नेता को बड़ा राजनीतिक नेता बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए अच्छे काम करने की जरूरत है। अठावले ने यह भी कहा कि राहुल गांधी इतने बड़े नेता नहीं बन पाएंगे कि प्रधानमंत्री बन सकें। उनका यह बयान कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे के नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते रहे हैं।
इंडिया गठबंधन की क्या है मांग?
कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के कई नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ भाजपा को पहुंच सकता है। वहीं, अठावले ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए एसआईआर का समर्थन किया। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। विवाद के केंद्र में मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र मतदाताओं के अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे सवाल शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर क्या कहा था?
गुरुवार को एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के आंदोलनों और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधा था। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि कांग्रेस सालभर अपने नेता को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश करती रहती है। उन्होंने इसकी तुलना श्रीहरिकोटा से होने वाली रॉकेट लॉन्चिंग से करते हुए कटाक्ष किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया के सामने मजबूत भारत की छवि प्रस्तुत करना जरूरी है, लेकिन विपक्ष के कुछ नेता विदेश जाकर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं। उनके बयान के बाद कांग्रेस और विपक्ष को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
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