Ranchi Protest: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोरा पर शुक्रवार को छात्रों के आंदोलन के दौरान स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई। यह घटना उस समय हुई जब AISA विधानसभा घेराव मार्च निकालकर छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही थी। मार्च के दौरान एक युवक ने नेहा वोरा पर स्याही फेंक दी, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ताओं और पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद पुलिस ने स्याही फेंकने वाले युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंची थीं नेहा वोरा
नेहा वोरा झारखंड में चल रहे छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने पहुंची थीं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ एकजुटता जताई। इस दौरान उन्होंने कहा कि AISA छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनकी जायज मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने विशेष रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा को लेकर उठ रहे विवाद पर अपनी बात रखी।

‘स्याही से छात्र आंदोलन नहीं रुकेगा’
स्याही फेंके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए नेहा वोरा ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से छात्र आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में छात्रों ने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उनके अनुसार, 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज हुआ और पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि जब छात्र उन परिस्थितियों से नहीं डरे, तो स्याही फेंकने जैसी घटना उन्हें अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटा सकती।
भूख हड़ताल कर रहे छात्रों को दिया समर्थन
नेहा वोरा ने प्रदर्शन स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से भी मुलाकात की और उनके आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वह उन छात्रों की पीड़ा को समझती हैं, जो अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने भूख हड़ताल कर रहे सभी प्रदर्शनकारियों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश की नजर इस आंदोलन पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि AISA छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास जारी रखेगी।
14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
अपने संबोधन में नेहा वोरा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग दोहराई। उनका कहना था कि JPSC की परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पहली और दूसरी परीक्षाओं से लेकर हालिया परीक्षा तक विवाद सामने आते रहे हैं। उनके अनुसार, यदि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी है तो 14वीं JPSC परीक्षा रद्द कर नई परीक्षा की तिथि और समय-सारणी घोषित की जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

JSSC CGL परीक्षा पर भी उठाए सवाल
नेहा वोरा ने अपने संबोधन में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परीक्षा में भी कथित अनियमितताओं का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए, ताकि छात्रों का भरोसा भर्ती प्रक्रिया में बना रहे।
भूख हड़ताल में शामिल हुए कई प्रदर्शनकारी
छात्र आंदोलन के समर्थन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो भी भूख हड़ताल पर हैं। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात दो महिलाओं सहित पांच अन्य प्रदर्शनकारी भी उनके अनशन में शामिल हो गए। महतो कई दिनों से छात्रों की मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे हैं। आंदोलनकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित भ्रष्टाचार की जांच और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक ने फोन कर की थी अपील
भूख हड़ताल के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी देवेंद्र नाथ महतो से फोन पर बातचीत की। उन्होंने महतो से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कम से कम पानी पीते रहने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी पीना शुरू किया। अब छात्रों का आंदोलन और विभिन्न संगठनों का समर्थन राज्य की राजनीति और भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही बहस का प्रमुख विषय बन गया है। वहीं, स्याही फेंकने की घटना के बाद प्रदर्शन की सुरक्षा और राजनीतिक माहौल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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