RK Singh Expelled:
RK Singh Expelled: पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ BJP नेता आरके सिंह ने पार्टी से निलंबन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें भेजे गए नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किन ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के चलते उन्हें सस्पेंड किया गया है। उन्होंने कहा, “मुझे कारण बताओ नोटिस दिया गया है और जवाब मांगा गया है। मैंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफा भेज दिया है। लेकिन मैं बिहार BJP से पूछता हूँ कि वे किन गतिविधियों को पार्टी विरोधी मान रहे हैं?”
आरके सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका बयान पार्टी के हित में था। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले या भ्रष्ट लोगों को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। क्या यह पार्टी विरोधी गतिविधि है? अगर आप ऐसे लोगों को टिकट देते हैं तो पार्टी की छवि धूमिल होती है। ऐसे लोग पार्टी, जनता और राष्ट्र के हित में नहीं हैं। मेरा बयान पार्टी की छवि और हित के लिए था।”उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी जगह रहने का कोई फायदा नहीं है, जहाँ पार्टी के लोग ही परेशान हों कि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं से सवाल क्यों कर रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद 15 नवंबर को BJP ने आरके सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया। उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया और शोकॉज नोटिस भेजकर 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया। हालांकि, आरके सिंह ने निष्कासन का लेटर मिलने के बाद अपनी पार्टी सदस्यता से ही इस्तीफा दे दिया और इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजा।BJP ने आरके सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया, जबकि उनके समर्थक इसे संगठन में अनुशासनहीनता की कार्रवाई मानते हैं।
आरके सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी बयान दिए। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता माना और कहा कि इस तरह की बयानबाजी संगठन को नुकसान पहुंचा सकती है। बिहार में भाजपा के अंदरूनी मामलों और टिकट वितरण को लेकर उठाए गए सवालों ने पार्टी हाईकमान को नाराज कर दिया।
अक्टूबर महीने में आरके सिंह ने फेसबुक पोस्ट लिखी थी, जिसमें उन्होंने पार्टी हाईकमान से अपील की थी कि क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव का टिकट न दिया जाए। उन्होंने जनता से भी अपील की थी कि वे ऐसे नेताओं को वोट न दें। इस पोस्ट में JDU के अनंत सिंह और BJP के सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं को टारगेट किया गया था।BJP के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इसी पोस्ट के कारण पार्टी हाईकमान नाराज हुआ और आरके सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
आरके सिंह ने बार-बार कहा कि उनका बयान केवल पार्टी की छवि और जनहित में था। उन्होंने पार्टी के निर्णय पर सवाल उठाया और स्पष्ट किया कि उनकी किसी भी गतिविधि का उद्देश्य पार्टी के खिलाफ नहीं था। उन्होंने कहा, “अगर पार्टी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट देती है, तो यह पार्टी की छवि और जनता के हित में नहीं है। मैंने जो कहा, वह केवल पार्टी और राष्ट्र के हित में था।”आरके सिंह का कहना है कि पार्टी के निर्णय ने उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से प्रभावित किया है। उनका बयान पार्टी की नीतियों पर आधारित था और उन्होंने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि नहीं माना। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद BJP में पैदा हुए विवाद ने वरिष्ठ नेताओं और संगठन के बीच तनाव बढ़ा दिया है, और आरके सिंह की प्रतिक्रिया ने इसे और उजागर किया है।
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