Bijapur bank robbery: जैसे लोकप्रिय वेब सीरीज ‘मनी हाइस्ट’ की कहानी को हकीकत में उतार दिया हो, वैसे ही कर्नाटक के बिजयपुरा में एक स्टेट बैंक की शाखा से बड़ा बैंक डकैती का मामला सामने आया है। गुरुवार शाम करीब 6 बजे, जब बैंक बंद होने वाला था, तब कुछ अपराधियों ने सेना के वर्दी में बैंक में घुसकर 20 किलोग्राम सोना और करीब एक करोड़ रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। डाकात की वारदात और बैंक कर्मियों की बेबस स्थिति पुलिस सूत्रों के अनुसार, सेना की वर्दी पहने अपराधियों ने किसी को कुछ समझने का मौका दिए बिना बैंक में प्रवेश किया। इन अपराधियों ने सबसे पहले बैंक मैनेजर के कमरे को निशाना बनाया। पिस्तौल की नोक पर बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर उन्हें एक जगह बंद कर दिया गया। बैंक कर्मियों को खतरे का कोई संकेत देने का मौका भी नहीं मिला। इसके बाद शुरू हुई लूटपाट, जिसमें 20 किलोग्राम सोना और एक करोड़ रुपये की नकदी चोरी हुई। इस सोने की बाजार कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके बाद अपराधी बड़ी तेजी से फरार हो गए। पुलिस ने शुरू किया जांच अभियान, मिला लूटे हुए वाहन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। लूट में उपयोग किया गया वाहन सड़क किनारे एक जगह से बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को अंदेशा है कि अपराधी महाराष्ट्र की ओर भाग गए हैं। इस आधार पर महाराष्ट्र और कर्नाटक पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है। पहले भी हुई थी बड़ी डकैती यह घटना कर्नाटक के बिजयपुरा में इस साल जून में हुई बड़ी डकैती की याद दिलाती है, जब यहां कनारा बैंक की शाखा से 59 किलोग्राम सोना और लाखों रुपये चोरी हुए थे। उस घटना की जांच के दौरान बैंक मैनेजर और कुछ कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया था, जिन पर लूट में संलिप्तता का संदेह था। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल लगातार हो रही इस प्रकार की डकैती से बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग संस्थानों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करना होगा ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, पुलिस को भी तकनीकी उपकरणों और बेहतर निगरानी के जरिये अपराधियों को पकड़ने में तेजी लानी होगी। कर्नाटक के बिजयपुरा की यह बैंक डकैती मनी हाइस्ट जैसी सुनियोजित घटना है, जिसने न सिर्फ बैंक कर्मचारियों को दहला दिया बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है। पुलिस दोनों राज्यों के सहयोग से इस मामले को सुलझाने में जुटी है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। Read More: Parliament attack 2001: मसूद अजहर ही था संसद और 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड, जैश कमांडर इलियास के कबूलनामे से पाक की खुली पोल














