Pratappur News : बुधवार को पंचायत प्रतिनिधियों ने सरपंच संघ के बैनर तले वर्तमान सीईओ को प्रभार दिलाने की मांग को लेकर जनपद पंचायत कार्यालय प्रतापपुर का घेराव किया। पंचायत प्रतिनिधियों ने जनपद कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ने का भी प्रयास किया। मौके पर पहले से ही मौजूद पुलिस बल ने प्रयास को विफल कर दिया।

जिसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों में शामिल जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र के जनपद सदस्य व प्रतापपुर जनपद की सभी एक सौ एक पंचायतों के सरपंच जनपद कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठ गए और जिला प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करने लगे।

बता दें कि पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय प्रतापपुर में ज्ञापन सौंप वर्तमान सीईओ जयगोविंद गुप्ता को प्रतापपुर जनपद का तत्काल प्रभार दिलाने मांग की थी। मांग पूरी न होने की दशा में बुधवार को जनपद कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी करने की चेतावनी दी थी। अपनी इसी चेतावनी पर अमल करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों ने बुधवार को जनपद कार्यालय का घेराव किया। मुख्य द्वार पर तालाबंदी करने का प्रयास भी किया जिसे पुलिस ने विफल कर दिया।
इस संबंध में क्षेत्र क्रमांक 11 के जिला पंचायत सदस्य सुरेश आयम ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि बीते एक माह में जिला कलेक्टर से लेकर जिला पंचायत सीईओ तक को ज्ञापन देकर नए सीईओ जयगोविंद गुप्ता को प्रभार दिलाने मांग कर चुके हैं। पर उच्चाधिकारियों के ऊपर पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मांग का कोई असर नहीं हो रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार में जनता द्वारा चुने गए पंचायत प्रतिनिधियों की कोई अहमियत नहीं है। जब से यह सरकार बनी है तभी से लगातार पंचायत प्रतिनिधियों का अपमान किया जा रहा है। जो किसी भी तरह से उचित नहीं है।
वहीं सरपंच संघ के अध्यक्ष नंददेव सिंह केराम ने कहा कि जिला कलेक्टर सूरजपुर ने 14 अगस्त को एक आदेश जारी कर प्रतापपुर जनपद के तत्कालीन प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह जो कि एक पशु चिकित्सा अधिकारी हैं, उनका अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया था। उनके स्थान पर स्थाई सीईओ जयगोविंद गुप्ता को प्रभार लेने कहा गया था। जिसके बाद 16 अगस्त को ही सीईओ गुप्ता जनपद कार्यालय प्रतापपुर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। बावजूद इसके तत्कालीन सीईओ नृपेन्द्र सिंह बिना किसी कारण के उन्हें अपना प्रभार नहीं सौंप रहे हैं। जिसके कारण पंचायतों में हो चुके विभिन्न निर्माण कार्यों के भुगतान अटके हुए हैं तथा नए विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
जनपद सदस्य राजू सिंह आयम ने जिला कलेक्टर द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश को एक माह से भी ऊपर हो चुका है। इसके बावजूद तत्कालीन सीईओ नृपेन्द्र सिंह स्थाई सीईओ जयगोविंद गुप्ता को अपना प्रभार नहीं सौंप रहे हैं। जबकि आदेश को तत्काल प्रभावशील बताया गया था।
इससे स्पष्ट होता है कि तत्कालीन सीईओ नृपेन्द्र सिंह खुद को जिला कलेक्टर के आदेश से भी ऊपर समझ रहे हैं। वहीं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि एक अत्यंत सक्षम और शक्तिशाली अधिकारी होते हुए भी जिला कलेक्टर अपने ही आदेश का पालन नहीं करा पा रहे हैं।
गुरुवार तक मांग पूरी नहीं हुई तो शुक्रवार को करेंगे चक्काजाम
जनपद पंचायत कार्यालय प्रतापपुर में वर्तमान सीईओ जयगोविंद गुप्ता को तत्काल प्रभार दिलाने की मांग को लेकर सुबह दस बजे से ही चल रहा पंचायत प्रतिनिधियों का धरना प्रदर्शन शाम चार बजे समाप्त हुआ। इस बीच मौके पर मौजूद तहसीलदार चंद्रशिला जायसवाल, नायब तहसीलदार मुकेश दास, दलबल के साथ मौजूद प्रतापपुर थाना प्रभारी अमित कौशिक व चंदौरा थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह पंचायत प्रतिनिधियों को समझाइश देते हुए धरना प्रदर्शन समाप्त करने की लगातार अपील करते रहे।
पर पंचायत प्रतिनिधियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके उपरांत जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत प्रतिनिधियों से फोन पर चर्चा करते हुए उनकी मांग का दो दिनों के भीतर उचित निराकरण करने का आश्वासन दिया। पर पंचायत प्रतिनिधि सीईओ जयगोविंद गुप्ता को तत्काल एकतरफा प्रभार दिलाने की मांग करते रहे। साथ ही कलेक्टर द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश की अवहेलना करने वाले तत्कालीन प्रभारी सीईओ नृपेन्द्र सिंह को निलंबित करने की मांग भी करते रहे।
काफी समझाइश के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंप लगभग छह घंटे तक चले धरना प्रदर्शन को समाप्त किया। ज्ञापन में एक दिन का समय देते हुए कहा गया है कि यदि गुरुवार शाम तक तत्कालीन सीईओ नृपेन्द्र सिंह अपना प्रभार वर्तमान सीईओ जयगोविंद गुप्ता को नहीं सौंपते हैं तो शुक्रवार को जनपद पंचायत कार्यालय के बाहर स्थित मुख्य मार्ग पर धरना प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदारी प्रशासन की होगी।









